
बिलासपुर पुलिस ने नेशनल हाईवे किनारे खड़ी ट्रकों को निशाना बनाने वाले एक बेहद शातिर और संगठित डीजल लुटेरे गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह गिरोह रात के अंधेरे में स्कार्पियो और रेनॉल्ट ट्राइबर जैसी महंगी गाड़ियों से निकलता था और हाईवे पर खड़े वाहनों से डीजल लूटकर फरार हो जाता था। विरोध करने पर ये आरोपियों मारपीट और जानलेवा हमला करने से भी गुरेज नहीं करते थे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के कड़े निर्देशन में ए.सी.सी.यू. (ACCU) और सिरगिट्टी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने इस पूरे सिंडिकेट को बेनकाब किया है।

इन तीन शातिर लुटेरों को पुलिस ने दबोचा
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी पेशेवर तरीके से गिरोह चला रहे थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं:
- संजय कुमार कुर्रे (उम्र 30 वर्ष), पिता: देव प्रसाद कुर्रे, निवासी: ग्राम बगडबरी, थाना बलौदा, जिला जांजगीर-चांपा।
- मणीशंकर कुर्रे (उम्र 24 वर्ष), पिता: स्व. मनहरण कुर्रे, निवासी: ग्राम बगडबरी, थाना बलौदा, जिला जांजगीर-चांपा।
- अमित भारद्वाज (उम्र 29 वर्ष), पिता: हर प्रसाद भारद्वाज, निवासी: ग्राम बगडबरी, थाना बलौदा, जिला जांजगीर-चांपा।
वारदात का तरीका: विरोध करने पर करते थे मारपीट
इस गिरोह ने हाल ही में बिलासपुर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कई बड़ी वारदातों को अंजाम दिया था, जिनका विवरण इस प्रकार है:
- 18 मई 2026 (थाना सिरगिट्टी): बेवरेज कॉर्पोरेशन सिरगिट्टी के सामने खड़े एक वाहन से यह गिरोह डीजल चोरी कर रहा था। जब प्रार्थी ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और लूटपाट की।
- 24 मई 2026 (थाना कोनी): कोनी क्षेत्र में आरोपियों ने एक ट्रेलर (क्रमांक CG 10 BL 8136) की डीजल टंकी को बेरहमी से तोड़ दिया। वहां से करीब 9,500 रुपये कीमत का 100 लीटर डीजल ड्रमों में भरा और सफेद रंग की स्कॉर्पियो में लादकर फरार हो गए।
- 28 मार्च 2026 (थाना कोनी): ग्राम सेंदरी के पास नेशनल हाईवे किनारे खड़े एक अन्य ट्रेलर (क्रमांक CG 04 BS 9548) से इस अज्ञात गिरोह ने करीब 25,000 रुपये मूल्य का 270 लीटर डीजल पार कर दिया था।
10 से अधिक जिलों में फैला था जाल, आधी रात को देते थे चुनौती
पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने कबूल किया कि उन्होंने बिलासपुर के अलावा बेमेतरा, बलौदाबाजार, कवर्धा, महासमुंद, रायगढ़, कोरबा, सकरी बायपास, सरगांव और जांजगीर समेत कोनी हाईवे जैसे कई इलाकों में डीजल लूट की ताबड़तोड़ वारदातें की हैं।
महंगी गाड़ियां, चाकू और कैश बरामद
पुलिस ने घेराबंदी कर जब आरोपियों को पकड़ा, तो उनके पास से वारदात में इस्तेमाल होने वाला भारी सामान बरामद हुआ:
- अपराध में प्रयुक्त एक सफेद स्कार्पियो वाहन।
- एक रेनॉल्ट ट्राइबर (Renault Triber) कार।
- आतंक मचाने के लिए इस्तेमाल होने वाला एक धारदार चाकू।
- कुल 2,600 रुपये नगद (अमित भारद्वाज से 600 रुपये, संजय कुर्रे से 800 रुपये और मणीशंकर से 1200 रुपये)।
- चोरी का 74 लीटर डीजल।
कैसे खुली सिंडिकेट की पोल?
क्षेत्र में लगातार हो रही डीजल चोरी और लूट की वारदातों को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी रजनेश सिंह ने ए.सी.सी.यू. और स्थानीय पुलिस की एक विशेष टीम का गठन किया था। टीम ने हाईवे के कई किलोमीटर लंबे रूट के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया और पुराने अपराधियों के रिकॉर्ड खंगाले। सटीक इनपुट के आधार पर पुलिस ने अलग-अलग ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी (रेड) कर इन तीनों को धर दबोचा।

गंभीर धाराओं में केस दर्ज, बाकी सदस्य भी जल्द होंगे जेल के पीछे
बिलासपुर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना सिरगिट्टी में अपराध क्रमांक 368/2026 (धारा 303(2), 111, 309(4), 3(5) बीएनएस एवं 25, 27 आर्म्स एक्ट) और थाना कोनी में अपराध क्रमांक 264/2026 व 119/2026 के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों को भी चिन्हित कर लिया गया है। इस पूरे सिंडिकेट को जड़ से उखाड़ने के लिए विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं, और बाकी बचे अपराधी भी जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे।



