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48 लाख की नौकरी छोड़ी, फिर बनीं ‘साइबर सिंघम’: जानिए क्यों यूपी छोड़कर छत्तीसगढ़ आ रही हैं IPS अंजलि विश्वकर्मा

2021 बैच की तेजतर्रार भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी अंजलि विश्वकर्मा जल्द ही उत्तर प्रदेश कैडर छोड़कर छत्तीसगढ़ कैडर में अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने अंतर-कैडर स्थानांतरण (Inter-Cadre Transfer) के तहत उनके आवेदन को मंजूरी दे दी है। यह फैसला शादी के आधार पर (Marriage Grounds) लिया गया है।

पति-पत्नी एक ही कैडर में करेंगे सेवा

आईपीएस अंजलि विश्वकर्मा के पति, उदित पुष्कर भी 2021 बैच के ही आईपीएस अधिकारी हैं और वर्तमान में छत्तीसगढ़ कैडर में तैनात हैं। उदित पुष्कर इस समय रायपुर स्थित राजभवन में राज्यपाल के परिसहाय (Aide-de-Camp – ADC) के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दोनों अधिकारियों का कैडर अलग होने के कारण लंबे समय से दूरियाँ थीं, जिसे देखते हुए गृह मंत्रालय ने अंजलि के छत्तीसगढ़ स्थानांतरण के आदेश जारी किए हैं।

यूपी में रहा बेहतरीन कार्यकाल

आईआईटी कानपुर से बी.टेक की डिग्री हासिल करने वाली अंजलि विश्वकर्मा मार्च 2025 से कानपुर कमिश्नरेट में एडिशनल डीसीपी (साइबर क्राइम) के पद पर तैनात थीं। आईआईटी बैकग्राउंड होने के कारण उन्होंने साइबर अपराधों, विशेष रूप से ‘डिजिटल अरेस्ट’ और ‘सेक्सटॉर्शन’ जैसे हाई-टेक क्राइम पर कड़ा प्रहार किया।

हाल ही में चमनगंज क्षेत्र में बच्चियों के अश्लील वीडियो बनाकर गूगल ड्राइव पर रखने वाले आरोपी को धर दबोचने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए 26 जनवरी 2026 को उन्हें पुलिस महानिदेशक द्वारा ‘डीजी प्रशंसा डिस्क (सिल्वर)’ से सम्मानित भी किया जा चुका है।

प्रेम विवाह के सूत्र में बंधकर एक ही कैडर में साथ आए आईपीएस दंपत्ति उदित पुष्कर और अंजलि विश्वकर्मा का यह नया प्रशासनिक अध्याय न केवल उनकी व्यक्तिगत जीवन-यात्रा बल्कि उनके पेशेवर दायित्वों के दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। अंजलि विश्वकर्मा ने उत्तर प्रदेश में अपनी सेवा के दौरान जिस उच्च स्तरीय तकनीकी ज्ञान, प्रशासनिक शुचिता और त्वरित निर्णय-क्षमता का परिचय दिया, उससे पुलिस तंत्र में उनकी एक विशिष्ट पहचान बनी है। अब छत्तीसगढ़ कैडर में अपनी सेवाएँ देने जा रहीं अंजलि से यह पूर्ण अपेक्षा है कि वे अपनी रणनीतिक दूरदर्शिता, साइबर क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता और जन-सेवा के प्रति अपने समर्पण भाव को नए राज्य के प्रशासनिक क्षितिज पर भी उतने ही प्रभावशाली ढंग से सिद्ध करेंगी।

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