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छत्तीसगढ़ को केंद्र का बड़ा तोहफ़ा: बिलासपुर-पेंड्रा रूट पर बिछेगी नई रेल लाइन; सुगम होगा सफ़र, बढ़ेगा व्यापार

छत्तीसगढ़ के रेल यात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों के लिए केंद्र सरकार की ओर से एक बड़ी खुशखबरी आई है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच रेल कनेक्टिविटी को नया आयाम देने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दो प्रमुख रेल लाइन परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है। इस फैसले से प्रदेश के परिवहन ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिलेगा।
प्रोजेक्ट का दायरा और लागत
- कटनी-पेंड्रा रोड (चौथी लाइन): 201 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन के निर्माण पर लगभग 2,975 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
- बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रा रोड (तीसरी लाइन): 87 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन को 1,279 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ को मिलने वाले मुख्य फायदे
- समय की बचत और नई ट्रेनें: बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग से मध्य प्रदेश (शहडोल और अनूपपुर) की ओर जाने वाली ट्रेनों की लेथ-लतीफी से हमेशा के लिए निजात मिलेगी। रेल कॉरिडोर की क्षमता बढ़ने से इस रूट पर नई एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनें चलाने का रास्ता भी साफ हो गया है।
- व्यापार और उद्योग को रफ्तार: मालगाड़ियों की रफ्तार बढ़ने से बिलासपुर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को कच्चा माल लाने और तैयार सामान भेजने में सहूलियत होगी, जिससे प्रदेश के व्यापार को नई ऊर्जा मिलेगी।
- पर्यटन और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा: अचानकमार टाइगर रिजर्व और खुटाघाट जलाशय जैसे छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक देश-विदेश के पर्यटकों की पहुंच और आसान हो जाएगी। साथ ही, मध्य प्रदेश के अमरकंटक और बांधवगढ़ जाने वाले यात्रियों को भी सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। पर्यटन बढ़ने से स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार और आजीविका के नए रास्ते खुलेंगे।



