
राजधानी रायपुर में असामाजिक और आपराधिक तत्वों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस कमिश्नरेट ने बड़ी और सख्त कार्यवाही की है। लगातार गंभीर अपराधों को अंजाम देकर शहर और आसपास के इलाकों में भय का माहौल बनाने वाले दो कुख्यात आदतन अपराधियों—विकास उर्फ भीम उर्फ ‘रावण’ और ओम दुबे उर्फ प्रथम दुबे—को छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 के तहत जिलाबदर कर दिया गया है।
पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला (भा.पु.से.) ने पुलिस उपायुक्तों (DCPs) के प्रतिवेदन, अपराधियों के लंबे आपराधिक रिकॉर्ड, साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का गहन परीक्षण करने के बाद यह सख्त आदेश जारी किया है।
9 मामलों में आरोपी विकास उर्फ ‘रावण’ 3 महीने के लिए बेदखल
- पूरा विवरण: विकास उर्फ भीम उर्फ रावण मधुकर, पिता- रामसेवा मधुकर (उम्र 26 वर्ष)
- निवासी: इन्दिरा नगर, शुक्रवारी बाजार, बीरगांव, थाना उरला, जिला रायपुर
- आपराधिक इतिहास: आरोपी वर्ष 2018 से उरला थाना क्षेत्र में लगातार वारदातों को अंजाम दे रहा था। इसके खिलाफ नाबालिग से दुष्कर्म, अवैध हथियार लहराने, मारपीट, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और जुआ खेलने जैसे कुल 09 गंभीर मामले दर्ज हैं।
- कार्यवाही: इलाके में इसके आतंक से आमजन की सुरक्षा और शांति प्रभावित हो रही थी। आदेश के तहत इसे रायपुर, दुर्ग, धमतरी, महासमुंद, बलौदाबाजार और गरियाबंद जिले की राजस्व सीमाओं से 03 माह के लिए निष्कासित किया गया है।
गांजा तस्करी और जानलेवा हमले का आरोपी ओम दुबे 4 माह के लिए जिलाबदर
- पूरा विवरण: ओम दुबे उर्फ प्रथम दुबे, पिता- राजीव दुबे (उम्र 25 वर्ष)
- निवासी: मोतीलाल नगर, सरस्वती नगर, थाना डी.डी. नगर, जिला रायपुर
- आपराधिक इतिहास: यह आरोपी वर्ष 2017 से लगातार अपराध की दुनिया में सक्रिय था। इसके खिलाफ थाना डी.डी. नगर में हत्या के प्रयास (Section 307), गांजा तस्करी, अवैध हथियार रखने, मारपीट और आपराधिक धमकी के कुल 11 गंभीर प्रकरण दर्ज हैं।
- कार्यवाही: बार-बार प्रतिबंधात्मक कार्यवाहियों के बावजूद इसके आचरण में कोई सुधार नहीं आ रहा था। इसे रायपुर समेत सभी 6 पड़ोसी जिलों से 04 माह के लिए बाहर कर दिया गया है।
आदेश का उल्लंघन करने पर होगी सीधी गिरफ्तारी
पुलिस कमिश्नरेट द्वारा जारी स्पष्ट आदेश के अनुसार, जिलाबदर की इस अवधि के दौरान दोनों अपराधी सक्षम न्यायालय की पूर्व अनुमति के बिना रायपुर, दुर्ग, धमतरी, महासमुंद, बलौदाबाजार और गरियाबंद जिलों की सीमाओं में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। यदि वे इस दौरान इन जिलों में नजर आते हैं, तो उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्यवाही कर सीधे जेल भेजा जाएगा।




