
राजधानी रायपुर के थाना तेलीबांधा क्षेत्र में शासकीय राशन दुकान के नाम पर गरीबों का राशन डकारने वाले विक्रेता पर पुलिस ने बड़ी कार्यवाही की है। जोरा वार्ड क्रमांक 51 स्थित उचित मूल्य दुकान के विक्रेता टोपेश्वर साहू को 15.91 लाख रुपये के सरकारी राशन के गबन और धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट लिया, पर नहीं दिया राशन
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी विक्रेता ने राशन कार्ड धारकों का ई-पॉस (e-PoS) मशीन में बायोमेट्रिक सत्यापन (अंगूठा लगवाकर) तो करा लिया, लेकिन उन्हें अक्टूबर 2025 का मिलने वाला पीडीएस चावल और शक्कर नहीं दिया। यही नहीं, कार्डधारियों से राशन कार्ड भी जमा करा लिए गए थे ताकि लोग सवाल न उठा सकें।
भौतिक सत्यापन में खुला फर्जीवाड़ा
जब खाद्य विभाग की टीम ने दुकान का भौतिक सत्यापन किया, तो ई-पॉस रिकॉर्ड और दुकान के वास्तविक स्टॉक में भारी गड़बड़ी पाई गई। दुकान से कुल 389.24 क्विंटल (778.48 बोरी) चावल गायब पाया गया। संतोषजनक जवाब न मिलने पर दुकान को तुरंत निलंबित कर दिया गया था, जिसके बाद जांच में 15,91,898.18 रुपये की वित्तीय हानि का मामला सही साबित हुआ।
पुलिस कार्यवाही और मुख्य विवरण:
- आरोपी: टोपेश्वर साहू (उम्र 27 वर्ष), निवासी सत्यम नगर, कचना, थाना खम्हारडीह, रायपुर।
- कार्यवाही: थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 265/2026 दर्ज कर आरोपी के खिलाफ बीएनएस (BNS) की धारा 318(4) और 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
- स्थिति: आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
जनहित में जागरूक रहें:
- अंगूठा लगाने से पहले सावधान रहें: ई-पॉस मशीन में बायोमेट्रिक सत्यापन (अंगूठा) तभी लगाएं जब आपको पूरा राशन दिया जा रहा हो।
- रसीद जरूर लें: राशन लेने के बाद ई-पॉस मशीन से निकलने वाली पर्ची जरूर प्राप्त करें और उसमें दर्ज मात्रा का मिलान करें।
- शिकायत करें: यदि कोई विक्रेता आपका राशन रोकता है या राशन कार्ड जमा रखता है, तो तुरंत खाद्य विभाग के टोल-फ्री नंबर या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं।




