छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से सरकारी दफ्तरों की कार्यप्रणाली पर तंज कसता एक दिलचस्प मामला सामने आया है। तिफरा स्थित अभिलाषा परिसर (हाउसिंग बोर्ड कार्यालय) में एक युवक अपनी गुम हुई फाइल से इतना परेशान हो गया कि वह दफ्तर में अधिकारी के लिए ‘बादाम’ लेकर पहुंच गया। युवक का कहना है कि शायद बादाम खाने से मैडम की याददाश्त तेज हो जाए और उन्हें उसकी साल भर से अटकी फाइल मिल जाए।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, युवक ने करीब एक वर्ष पहले ईडब्ल्यूएस (EWS) का एक फ्लैट रिसेल में खरीदा था। इसकी विधिवत रजिस्ट्री कराने के बाद, नामांतरण (Mutation) की प्रक्रिया के लिए उसने अपने सभी आवश्यक दस्तावेजों की प्रतियां हाउसिंग बोर्ड कार्यालय में कार्यरत बंजारे मैडम के पास जमा कर दी थीं।
नियमतः कुछ ही समय में होने वाले इस काम के लिए युवक पिछले एक साल से दफ्तर के चक्कर काट रहा है। आरोप है कि जब भी वह अपनी फाइल की स्थिति जानने पहुंचता है, उसे यह कहकर टाल दिया जाता है कि ‘फाइल मिल नहीं रही है’ या ‘फाइल खो गई है’।
बादाम के साथ अनोखा विरोध
दफ्तर की लापरवाही और अधिकारियों के टालमटोल रवैये से तंग आकर युवक ने गुस्से या हंगामे के बजाय ‘गांधीगिरी’ का रास्ता चुना। वह बाकायदा आधा किलो बादाम का पैकेट लेकर कार्यालय पहुंचा और संबंधित अधिकारी के मेज़ पर बिखेरते हुए कहा, “इसे खाइए, इससे याददाश्त तेज होती है। शायद इसे खाने के बाद आपको याद आ जाए कि मेरी फाइल कहाँ रखी है।”
सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय
इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इस अनोखे विरोध प्रदर्शन की सराहना कर रहे हैं और हाउसिंग बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। यह घटना दर्शाती है कि एक आम आदमी सरकारी लेटलतीफी से किस कदर त्रस्त है कि उसे सिस्टम को जगाने के लिए ऐसे व्यंग्यात्मक तरीके अपनाने पड़ रहे हैं।
फिलहाल, इस ‘बादाम भेंट’ के बाद फाइल मिलती है या नहीं, यह देखने वाली बात होगी, लेकिन इस वाकये ने विभाग की साख पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।




