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शेयर ट्रेडिंग और पार्ट टाइम जॉब के नाम पर करोड़ों की ठगी का पर्दाफाश! चार अंतर राज्यीय ठग गिरफ्तार

रायपुर रेंज पुलिस की बड़ी कार्यवाही: अगर आप भी ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग में ज्यादा मुनाफे या घर बैठे पार्ट टाइम जॉब के लुभावने विज्ञापनों पर भरोसा करते हैं, तो सावधान हो जाइए! रायपुर रेंज पुलिस ने ‘ऑपरेशन साइबर शील्ड’ के तहत एक बड़े अंतर्राज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने भोले-भाले लोगों को करोड़ों रुपये का चूना लगाया।पुलिस महानिरीक्षक (IG) रायपुर रेंज, श्री अमरेश मिश्रा के कड़े निर्देशों पर रेंज साइबर थाना रायपुर ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और आंध्रप्रदेश से चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।          तीनों बड़े मामलों में क्या हुआ?                                पुलिस के अनुसार, इन ठगों ने अत्यधिक लाभ का झांसा देकर अलग-अलग 3 मामलों में कुल 98.4 लाख रुपये की ठगी की थी।

  1. शेयर ट्रेडिंग का झांसा: 71 लाख और 20 लाख की चपत
  • केस 1: प्रार्थी पृथ्वीराज सिंह को शेयर ट्रेडिंग में मुनाफा का लालच देकर ठगों ने 20 लाख रुपये ठग लिए।
  • गिरफ्तारी: मुख्य आरोपी प्रयल अस्थाना (ग्वालियर, MP) को तकनीक विश्लेषण के बाद ग्वालियर से गिरफ्तार किया गया। आरोपी बार-बार अपना ठिकाना बदल रहा था।
  • केस 3: इसी तरह के एक अन्य मामले में, प्रार्थी डाकेस्वर सिंह को अत्यधिक लाभ के बहाने 71 लाख रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया।
  • गिरफ्तारी: आरोपी जयराम वाजेंदला (विशाखापट्टनम, आंध्रप्रदेश) को गिरफ्तार किया गया। आरोपी ने धोखाधड़ी के लिए बैंक में करेंट खाता खुलवाया था।
  1. ऑनलाइन पार्ट टाइम जॉब स्कैम: 7.4 लाख की ठगी
  • केस 2: प्रार्थी युवराज पिस्दा से ऑनलाइन पार्ट टाइम जॉब देने के नाम पर 7.4 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई।
  • गिरफ्तारी: इस मामले में नेहरू लाल और मयंक कुमार पटेल (दोनों बलरामपुर, छत्तीसगढ़) को गिरफ्तार किया गया। दोनों ने मुंबई ब्रांच के बैंक में खाता खुलवाकर ठगी में सहयोग किया था।
    ⚠️ पाठकों के लिए जागरूकता संदेश
    रायपुर पुलिस की यह कार्रवाई यह स्पष्ट करती है कि साइबर अपराधी देश के अलग-अलग कोनों से बैठकर अपराध कर रहे हैं। पाठकों के लिए सबसे ज़रूरी है कि वे किसी भी तरह के ऑनलाइन झांसे में न आएं:
  • अविश्वसनीय लाभ: कोई भी कंपनी या स्कीम आपको असामान्य रूप से ज्यादा और जल्द लाभ का वादा करती है, तो वह लगभग निश्चित रूप से एक धोखाधड़ी है।
  • अज्ञात लिंक और ऐप: किसी भी अंजान लिंक पर क्लिक न करें या अपरिचित ऐप डाउनलोड न करें, खासकर जब वे पार्ट टाइम जॉब या निवेश की बात करें।
  • बैंक खाते का दुरुपयोग: ध्यान दें कि ठग भोले-भाले लोगों या अपने सहयोगियों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर, उनका इस्तेमाल अवैध लेनदेन के लिए करते हैं।

पुलिस महानिरीक्षक श्री अमरेश मिश्रा के निर्देश स्पष्ट हैं: साइबर अपराधों में शामिल मुख्य आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा और तकनीक का इस्तेमाल कर उनकी पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम
साइबर ठगी के इन तीन अलग-अलग मामलों में पुलिस ने कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है:

  • प्रयल अस्थाना (पिता प्रदीप अस्थाना, उम्र 31 वर्ष, पता बिरला ग्वालियर, मध्यप्रदेश)
  • नेहरू लाल (पिता सुखदेव, उम्र 23 वर्ष, पता बलरामपुर, छत्तीसगढ़)
  • मयंक कुमार पटेल (पिता सच्चिदानंद पटेल, उम्र 33 वर्ष, पता बलरामपुर, छत्तीसगढ़)
  • जयराम वाजेंदला (पिता वीरा राघव राव, उम्र 52 वर्ष, पता विशाखापट्टनम, आंध्रप्रदेश)
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