नगर निगम और नगर पंचायतों में UPI से होगा टैक्स का भुगतान: छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के शहरी निवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है! अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की ज़रूरत नहीं होगी, क्योंकि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने एक बड़ा डिजिटल कदम उठाते हुए प्रदेश के सभी 192 नगरीय निकायों की सुविधाओं को पूरी तरह ऑनलाइन करने का ऐलान किया है। यह पहल ‘ई-गवर्नेस परियोजना’ के तहत की जा रही है, जो ‘डिजिटल छत्तीसगढ़’ के सपने को साकार करेगी।
📲 क्या है यह नई डिजिटल पहल?
नगरीय प्रशासन विभाग (SUDA) द्वारा शुरू की गई यह परियोजना शहरी सेवाओं को घर-घर तक पहुंचाएगी। इसका मुख्य लक्ष्य शासन को न सिर्फ पारदर्शी बनाना है, बल्कि नागरिकों के लिए तेज और भरोसेमंद सेवाएं उपलब्ध कराना भी है। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने इस पहल को “सुशासन के नए युग की शुरुआत” बताया, जिससे अब ‘शासन जनता के द्वार पर’ की सोच ज़मीन पर उतरेगी।
🔑 मुख्य ऑनलाइन सुविधाएँ जो मिलेंगी:
एक ही एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नागरिकों को कई महत्वपूर्ण सुविधाएं मिलेंगी:
- नागरिक सेवा पोर्टल और मोबाइल एप्लीकेशन: घर बैठे सभी सेवाओं का लाभ।
- ऑनलाइन टैक्स भुगतान: संपत्ति कर, जल कर, व्यापार कर और ठोस अपशिष्ट शुल्क जैसी सभी देनदारियां अब ऑनलाइन जमा होंगी।
- आसान भुगतान के विकल्प: नागरिक UPI, बैंक, वॉलेट या नेट-बैंकिंग जैसे आधुनिक तरीकों से तुरंत भुगतान कर सकेंगे।
- अन्य महत्वपूर्ण मॉड्यूल: भवन अनुमति, वित्तीय प्रबंधन, शिकायत निवारण और मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली भी डिजिटल होंगी।
🤖 AI और डेटा एनालिटिक्स से बनेगी ‘स्मार्ट गवर्नेस’
यह परियोजना केवल ऑनलाइन सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डेटा एनालिटिक्स का भी उपयोग करेगी। - शिकायतों का पूर्वानुमान: यह प्रणाली नागरिकों की शिकायतों के पैटर्न का विश्लेषण करके संभावित समस्याओं का पहले ही पता लगा लेगी।
- सटीक निर्णय: अधिकारियों के प्रदर्शन के आंकलन से नीतिगत निर्णय अब तथ्यों और तकनीक पर आधारित होंगे।
इस पहल से पूरे राज्य के नगरीय निकायों का काम एक जैसा और पारदर्शी होगा, जो छत्तीसगढ़ को डिजिटल सुशासन का एक आदर्श उदाहरण बनाएगा।



