एक्सक्लूसिव! एक झटके में 9 जिलों में नए नर्सिंग कॉलेज, ₹78 करोड़ 15 लाख पास!जानिए किन जिलों को मिला फायदा?

राज्य सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी योजना, 9 नवीन नर्सिंग कॉलेजों के भवन निर्माण के लिए सीधे ₹78 करोड़ 15 लाख की भारी-भरकम राशि जारी कर दी है। यह सिर्फ एक प्रशासकीय स्वीकृति नहीं, बल्कि राज्य की स्वास्थ्य शिक्षा में ‘बुनियादी क्रांति’ का शंखनाद है।। वित्त मंत्री ने खोली तिजोरी, स्वास्थ्य मंत्री ने जताया आभार!प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस ताबड़तोड़ स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री श्री साय और वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी का विशेष आभार व्यक्त किया है। उन्होंने साफ कहा कि यह फैसला छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर’ बनाने की दिशा में सबसे बड़ा कदम है।पैसे का हिसाब: ₹78.15 करोड़ कैसे खर्च होंगे?सरकारी कागज़ों में यह आंकड़ा बड़ा हो सकता है, लेकिन इसका सीधा मतलब है कि हर एक कॉलेज के लिए ₹8 करोड़ 68 लाख खर्च किए जाएंगे। यानी इन कॉलेजों का निर्माण उच्च मानकों के अनुसार होगा, जो छात्रों को विश्व-स्तरीय सुविधाएं प्रदान करेगा। दंतेवाड़ा, बीजापुर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा और रोजगार का सीधा अवसर। बलरामपुर, जशपुर आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मजबूत होगी। बैकुंठपुर उत्तरी छत्तीसगढ़ के युवाओं को लाभ। रायगढ़, धमतरी, जांजगीर-चांपा मध्य छत्तीसगढ़ के प्रमुख जनसंख्या केन्द्रों को कवर किया गया है। नवा रायपुर (अटल नगर) राजधानी के निकट आधुनिक शिक्षा का केन्द्र। सीएम साय की ‘विज़न 2030’ की झलक मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस मौके पर स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार सिर्फ घोषणाएं नहीं करती, उन्हें पूरा करती है। 9 नए नर्सिंग कॉलेजों की स्वीकृति युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का नया द्वार खोलेगी। हमारा विज़न साफ है— हर युवा को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और हर जिले को कुशल स्वास्थ्य सेवाएं!” वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने इस खर्च को ‘निवेश’ बताया। उन्होंने कहा, “यह युवाओं के भविष्य पर किया गया निवेश है। शिक्षा और स्वास्थ्य हमारी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। यह स्वीकृति सेवा क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।” इन 9 कॉलेजों के शुरू होने से, छत्तीसगढ़ में हर साल हजारों नए नर्सिंग प्रोफेशनल्स तैयार होंगे, जिससे प्रदेश के सरकारी और निजी स्वास्थ्य क्षेत्र में स्टाफ की कमी दूर होगी और लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलेगी। पाठकों के लिए ‘सीधी बात’:
- सबसे बड़ी ख़बर: ₹78.15 करोड़ का महा-अप्रूवल मिला।
- फायदा: 9 जिलों के युवाओं को घर के पास मिलेगी ‘टॉप क्लास’ नर्सिंग डिग्री।
- असर: स्वास्थ्य क्षेत्र में अब ‘स्टाफ की कमी’ का रोना खत्म होगा।
(जल्द ही क्लासेज़ शुरू होने की अनुमानित तारीख पर हमारी नज़र बनी रहेगी!)


