लातविया में Europol का धावा: उजागर हुई 5 करोड़ फर्जी अकाउंटों की ‘सिमकार्टल साम्राज्य’:सायबर खतरा

डिजिटल ठगों की दुनिया में तहलका मचा देने वाली कार्रवाई में Europol और Eurojust ने लातविया में एक अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क को धराशायी कर दिया। इस ऑपरेशन का नाम है – “ऑपरेशन SIMCARTEL”, जिसने पूरे यूरोप में साइबर अपराधियों की जड़ों को हिला कर रख दिया।
पांच करोड़ नकली अकाउंटों का काला जाल
जांच एजेंसियों ने खुलासा किया कि यह गिरोह सिम बॉक्स तकनीक का इस्तेमाल करके फर्जी मोबाइल नंबर किराए पर देता था। इन्हीं नंबरों से 80 से अधिक देशों में फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट, ऑनलाइन बैंक फ्रॉड, और निवेश ठगी जैसी वारदातें की जा रही थीं।
छापेमारी में 40,000 सक्रिय सिम कार्ड, 5 सर्वर, चार लग्ज़री कारें, और क्रिप्टो करेंसी में 3.3 लाख डॉलर जब्त किए गए।
ऑपरेशन SIMCARTEL कैसे चला
इस ऑपरेशन में Europol और Eurojust के साथ लातवियाई पुलिस ने समन्वित तरीके से छापे मारे। 26 ठिकानों पर रेड की गई और 5 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया। इस गिरोह की वेबसाइटें gogetsms.com और apisim.com को भी बंद कर दिया गया।
अधिकारियों के अनुसार, यह नेटवर्क अब तक 3,200 से अधिक साइबर ठगी मामलों से जुड़ा पाया गया है।
ठगी का पैमाना और नुकसान
- केवल ऑस्ट्रिया में 40 करोड़ रुपये से अधिक की रकम लूटी गई।
- लातविया में लगभग 3.7 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज हुआ।
- यह नेटवर्क यूरोप ही नहीं, बल्कि एशिया और भारत में भी सक्रिय था, ऐसी संभावना जताई जा रही है।
Europol की भूमिका और EMPACT मिशन
यह पूरी कार्रवाई EMPACT (European Multidisciplinary Platform Against Criminal Threats) के अंतर्गत हुई, जो यूरोप की साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
Europol ने बताया कि यह अब तक की सबसे विस्तृत साइबर ठगी जांचों में से एक है, जिसने ऑनलाइन फ्रॉड इंडस्ट्री को गहरा झटका दिया है।
सावधान रहें – साइबर ठगी हमारे आस-पास भी
यह मामला सिर्फ यूरोप तक सीमित नहीं है। भारत सहित दुनिया के कई हिस्सों में फर्जी मोबाइल नंबर और ऑनलाइन अकाउंट ठगी के हथियार बन चुके हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि साइबर युग में जागरूकता ही सुरक्षा की सबसे बड़ी ढाल है — अनजान लिंक पर क्लिक न करें, किसी को OTP या पासवर्ड न बताएं, और संदिग्ध कॉल की तुरंत शिकायत करें।



