
क्या आप एक जिम्मेदार और सुरक्षित नाइटलाइफ चाहते हैं? तो यह खबर आपके लिए है! छत्तीसगढ़ की आबकारी सचिव, श्रीमती आर. शंगीता, ने रायपुर के बार एवं होटल संचालकों को सख्त चेतावनी देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि आबकारी नियमों के उल्लंघन पर अब कोई रियायत नहीं मिलेगी। 01 अक्टूबर 2025 को हुई बैठक में उन्होंने कड़े निर्देशों की झड़ी लगा दी, जिसका सीधा मकसद शहर की नाइटलाइफ को कानून के दायरे में लाना और असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाना है।
जानिए क्या हैं नए, कड़े नियम!
श्रीमती शंगीता ने साफ तौर पर कहा है कि ‘नियम और कानून में ढील’ किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ये हैं वो मुख्य बिंदु जो अब बार संचालकों को अनिवार्य रूप से मानने होंगे:
- सख्ती से समय सीमा का पालन: सभी बार हर हाल में रात बारह बजे के भीतर बंद हो जाने चाहिए। इसके अलावा, रात 11:30 बजे के बाद किसी भी नए ग्राहक को बार में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
- कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन: बार और होटल में काम करने वाले सभी कर्मचारियों का 10 दिन के भीतर पुलिस वेरिफिकेशन (व्हेरीफिकेशन) कराना अनिवार्य है।
- अल्पायु प्रवेश निषेध: 21 वर्ष से कम उम्र के किसी भी व्यक्ति को बार में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
- नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस: ड्रग्स, कोकीन, एम.डी. जैसे मादक पदार्थों का विक्रय या सेवन बार परिसर में बर्दाश्त नहीं होगा। ऐसी किसी भी जानकारी पर तत्काल पुलिस/आबकारी विभाग को सूचित करना होगा।
- बाहर की शराब बैन: ग्राहकों को बाहर से मदिरा लाकर बार में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी।
जिम्मेदारी आपकी, बच नहीं पाएंगे!
आबकारी सचिव ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि नियम उल्लंघन की स्थिति में कर्मचारियों को दोष देकर संचालक अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) धारक के खिलाफ ही सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने अवैध और अपंजीकृत शराब के विक्रय पर भी कड़ी कार्रवाई की बात कही है।
अधिकारियों की मनमानी पर भी रोक
जहां एक ओर संचालकों पर सख्ती बरती गई है, वहीं दूसरी ओर श्रीमती शंगीता ने ईमानदार संचालकों को भरोसा भी दिया है। उन्होंने कहा कि यदि नियम और शर्तों के अनुसार संचालन के दौरान कोई अधिकारी अनावश्यक रूप से परेशान करता है, तो विभाग उस अधिकारी पर नियमानुसार कार्यवाही करने के लिए तत्पर रहेगा। संचालक सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं।
भविष्य की तैयारी - सुरक्षा के लिए CCTV: सभी बार और होटलों में अनिवार्य रूप से CCTV कैमरे लगाए जाएं, जिनमें एक माह का बैकअप और नाइट विजन कैमरा की सुविधा होनी चाहिए।
- ब्लैक लिस्टिंग: भविष्य में नियम तोड़ने वाले (ब्लैक लिस्टेड) बार संचालकों के नाम विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करने का प्रावधान किया जा रहा है।
श्रीमती शंगीता ने बताया कि हाल ही में 15 दिनों के भीतर मिली शिकायतों पर 10 बारों का निरीक्षण किया गया, जिनमें से 7 बारों का लाइसेंस निलंबित किया जा चुका है।
यह बैठक स्पष्ट करती है कि छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग नियमों के सख्ती से पालन और सात्विक तरीके से संचालन को लेकर पूरी तरह गंभीर है। अब देखना यह है कि बार संचालक इस सख्ती को कितनी गंभीरता से लेते हैं।


