वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने सरिया क्षेत्र में बाढ़ राहत के लिए उठाया बड़ा कदम, 53 लाख की परियोजनाओं का किया शिलान्यास।

रायपुर: छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला ब्लॉक में बाढ़ आपदा राहत और प्रबंधन को मजबूती देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने महानदी में बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों को सुरक्षित रखने के लिए तीन परियोजनाओं का भूमिपूजन किया, जिनकी कुल लागत ₹53 लाख है।
बाढ़ प्रभावितों के लिए ₹53 लाख की सौगात
वित्त मंत्री ने सरिया क्षेत्र में बाढ़ से प्रभावित होने वाले लोगों की मदद के लिए 30 लाख रुपये की लागत से बाढ़ आपदा राहत भवन का निर्माण, ग्राम सुरसी में 13 लाख रुपये की लागत से शेड निर्माण, और ग्राम पंचधार में 10 लाख रुपये की लागत से एक और शेड निर्माण का शिलान्यास किया।

ये भवन और शेड सिर्फ इमारतें नहीं, बल्कि प्राकृतिक आपदा के समय ग्रामीणों के लिए एक मजबूत सहारा बनेंगे। यहां बाढ़ प्रभावित लोगों को ठहराया जाएगा, उन्हें सहायता सामग्री बांटी जाएगी और बचाव कार्यों को आसानी से संचालित किया जा सकेगा।
विकास की गंगा अब गांव-गांव तक
भूमिपूजन के मौके पर वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार हर आपदा में लोगों के साथ खड़ी है और विकास की गति अब गांवों तक पहुंच रही है। उन्होंने सरिया क्षेत्र में हो रहे लगातार विकास का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि अब सरिया में उप पंजीयक (रजिस्ट्री) कार्यालय खुल गया है और यहां जिला अस्पताल के बराबर 100 बिस्तरों वाले अस्पताल को भी स्वीकृति मिल चुकी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

महानदी के किनारे बसे गांवों में हर साल आने वाली बाढ़ की समस्या से निपटने के लिए यह पहल एक बड़ा कदम साबित होगी। ग्रामीणों ने भी इस फैसले का स्वागत किया और कहा कि अब वे बाढ़ जैसी आपदा के समय खुद को बेघर और असहाय महसूस नहीं करेंगे। यह पहल न केवल सरिया बल्कि आसपास के अन्य गांवों के लिए भी राहत लेकर आई है।
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे, जिन्होंने इस विकास कार्य पर खुशी जाहिर की।



