पुलिसमुंगेलीव्यक्तिव

आस्था की वर्दी: जब मुंगेली के पुलिस कप्तान भोजराम पटेल ने दिलों को जीता

मुंगेली. कुछ दृश्य ऐसे होते हैं जो शब्दों से परे होते हैं. हाल ही में मुंगेली जिले के पुलिस कप्तान भोज राम पटेल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसने न सिर्फ लोगों का ध्यान खींचा, बल्कि उनकी सोच को भी एक नई दिशा दी. इस वीडियो में एक पुलिस अधिकारी, अपनी वर्दी में, भजन कीर्तन में पूरी तरह से लीन होकर झूमते हुए दिखाई दे रहे हैं. यह सिर्फ एक डांस नहीं था, यह था आस्था और कर्तव्य का एक दुर्लभ संगम.

कर्तव्य और भक्ति का अनूठा मेल
जहाँ कुछ लोग वर्दी की ‘गरिमा’ को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं लाखों लोगों ने इस दृश्य में एक ऐसे अधिकारी को देखा, जो नियमों और प्रोटोकॉल के बंधन से ऊपर उठकर अपनी सच्ची आस्था को प्रकट कर रहा है. एसपी पटेल का यह कृत्य साबित करता है कि वर्दी के भीतर भी एक इंसान है, जिसकी अपनी भावनाएं और विश्वास हैं. उनका माथे पर चंदन लगाना और “बांके बिहारी” के भजन पर मंत्रमुग्ध होकर थिरकना, यह दर्शाता है कि वे सिर्फ कानून के रक्षक नहीं, बल्कि समाज की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जड़ों से भी गहराई से जुड़े हुए हैं.


यह घटना हमें याद दिलाती है कि पुलिस अधिकारी सिर्फ कानून लागू करने वाली मशीनें नहीं हैं. वे भी हमारे समाज का हिस्सा हैं, जिनके अपने घर-परिवार, अपनी आस्था और अपने मन की शांति के स्रोत हैं. एसपी पटेल का यह भावपूर्ण पल दिखाता है कि एक व्यक्ति अपनी पेशेवर पहचान और व्यक्तिगत विश्वासों के बीच एक सुंदर संतुलन कैसे बना सकता है.


वर्दी में मानवीय पक्ष की झलक
यह वीडियो एक शक्तिशाली संदेश देता है: सच्ची लीडरशिप सिर्फ नियमों का पालन करने में नहीं, बल्कि लोगों से जुड़ने में भी होती है. जब जनता देखती है कि उनका पुलिस कप्तान उनके ही बीच बैठकर, उनकी ही आस्था में डूबकर झूम रहा है, तो उनके मन में सम्मान और अपनत्व का भाव दोगुना हो जाता है. यह विश्वास की एक ऐसी नींव रखता है जो किसी भी सरकारी आदेश से कहीं ज़्यादा मज़बूत होती है.


एसपी भोज राम पटेल ने अपनी इस सहज अभिव्यक्ति से यह साबित कर दिया है कि पुलिस की वर्दी केवल एक पोशाक नहीं, बल्कि मानवता, करुणा और आस्था को धारण करने का एक माध्यम भी है. उनका यह कार्य पुलिस की छवि को एक कठोर और दूर रहने वाले तंत्र से बदलकर एक मानवीय और संवेदनशील साथी के रूप में स्थापित करता है.


यह वीडियो सिर्फ एक वायरल क्लिप नहीं, बल्कि एक प्रेरणा है. यह हमें सिखाता है कि सच्ची शक्ति बाहरी दिखावे में नहीं, बल्कि आत्मा की पवित्रता और लोगों से भावनात्मक जुड़ाव में निहित होती है. भोज राम पटेल जैसे अधिकारी हमें यह विश्वास दिलाते हैं कि पुलिस सेवा में आज भी मानवीय मूल्य और आध्यात्मिकता जीवित है.

श्री भोजराम पटेल sp मुंगेली
Join Dainik Bodh Whatsapp Community

Related Articles

Back to top button