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छत्तीसगढ़ की नदियों पर लगेगी ‘हाई-टेक आंखें’! 4.63 करोड़ से पानी की निगरानी अब रियल-टाइम होगी।

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार अब अपनी नदियों की सेहत पर सीधे और सटीक नजर रखने जा रही है। एक बड़े फैसले में, राज्य सरकार ने महानदी, केलो, ईब और खोरंगा नदियों के डिस्चार्ज (पानी के बहाव) की निगरानी के लिए 4.63 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।
इस नई योजना के तहत, इन नदियों पर ‘रियल-टाइम नॉन-कॉन्टेक्ट डिस्चार्ज मॉनिटरिंग सिस्टम’ लगाया जाएगा। इसका मतलब है कि अब पानी को छूने या पुराने तरीकों का इस्तेमाल करने की बजाय, एक आधुनिक तकनीक से नदियों के बहाव और जलस्तर की जानकारी तुरंत और सटीकता से मिलेगी।
क्या फायदा होगा?
- बाढ़ की चेतावनी: यह सिस्टम बाढ़ की स्थिति को पहले ही भाँप लेगा, जिससे समय रहते लोगों को सुरक्षित किया जा सकेगा।
- बेहतर जल प्रबंधन: पानी के बहाव का सटीक डेटा मिलने से सिंचाई और दूसरे जल-संसाधन प्रोजेक्ट्स की प्लानिंग बेहतर हो पाएगी।
- फटाफट कार्रवाई: महानदी भवन के जल संसाधन विभाग ने इस काम की जिम्मेदारी मुख्य अभियंता को दी है, ताकि इसे जल्द से जल्द पूरा किया जा सके।
यह कदम दिखाता है कि छत्तीसगढ़ सरकार पानी के सही इस्तेमाल और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए कितनी गंभीर है। अब नदियों का हाल जानने के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि हर पल की जानकारी सीधे और तुरंत उपलब्ध होगी।



