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करोड़ों की क्रिप्टो-ट्रेडिंग ठगी: रायपुर में मुख्य आरोपी गिरफ्तार, झांसे में न आएं!

क्या आप भी रातों-रात अमीर बनने का सपना देखते हैं? सावधान! रायपुर में शेयर ट्रेडिंग और क्रिप्टो ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। न्यू राजेंद्र नगर पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल धोखाधड़ी के मुख्य आरोपी अभिलाष मसीह को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका साथी अभिषेक प्रवीण मसीह अभी भी फरार है। यह घटना हमें एक बार फिर आगाह करती है कि “रकम दुगुनी करने” जैसे लुभावने झांसों से बचना कितना ज़रूरी है।


क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता भागीरथी यादव (भिलाई-3 निवासी, उम्र 43 वर्ष) ने न्यू राजेंद्र नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई कि आरोपी अभिलाष मसीह और अभिषेक प्रवीण मसीह ने उन्हें और कई अन्य लोगों को निशाना बनाया। आरोपियों ने शेयर ट्रेडिंग, क्रिप्टो ट्रेडिंग में निवेश करने और 20 महीने के भीतर निवेश की गई रकम को दो से तीन गुना करने का झांसा दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने रायपुर और अन्य शहरों में प्लॉट दिलाने का भी लालच दिया।


इस सुनियोजित तरीके से लोगों का विश्वास जीतकर, आरोपियों ने कुल 1 करोड़ 11 लाख 25 हज़ार रुपये की बड़ी धोखाधड़ी को अंजाम दिया। यह घटना 3 अगस्त 2024 से 23 अक्टूबर 2024 के बीच न्यू राजेंद्र नगर स्थित रौनक टेंट हाउस के पास हुई थी, जिसकी रिपोर्ट 9 अगस्त 2025 को दर्ज की गई।


पुलिस कार्रवाई और आगे की जांच
न्यू राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने धारा 318(3) और 3(5) BNS के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। त्वरित कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने मुख्य आरोपी अभिलाष मसीह (निवासी कमल विहार, देवपुरी, रायपुर) को गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। वहीं, मामले का दूसरा आरोपी अभिषेक प्रवीण मसीह अभी भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण संदेश: ठगी से कैसे बचें?
यह घटना उन सभी लोगों के लिए एक गंभीर चेतावनी है जो ऑनलाइन निवेश या किसी भी “कम समय में अधिक मुनाफे” वाली योजना में पैसा लगाने की सोच रहे हैं।

  • अत्यधिक मुनाफे का वादा: अगर कोई आपको बहुत कम समय में दोगुना या तिगुना पैसा करने का वादा करता है, तो यह लाल झंडा (Red Flag) है। शेयर बाजार और क्रिप्टो करेंसी बाजार में ऐसा कोई शॉर्टकट नहीं होता।
  • अनुसंधान करें: किसी भी योजना में निवेश करने से पहले, उस कंपनी या व्यक्ति के बारे में पूरी जानकारी इकट्ठा करें। क्या वह पंजीकृत है? उसके ट्रैक रिकॉर्ड कैसे हैं?
  • दस्तावेज जांचें: निवेश से संबंधित सभी कानूनी दस्तावेजों की जांच करें। यदि कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं है या स्पष्ट नहीं है, तो सावधान रहें।
  • दबाव में न आएं: धोखाधड़ी करने वाले अक्सर आपको जल्दी निर्णय लेने के लिए दबाव डालते हैं। सोच-समझकर निर्णय लें।
  • जानकारी साझा न करें: अपनी व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी, जैसे बैंक खाता संख्या, ओटीपी, पासवर्ड आदि किसी अजनबी के साथ साझा न करें।

पुलिस ने यह रकम ₹1,11,25,000/- की धोखाधड़ी के रूप में दर्ज की है, और उम्मीद है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद और भी महत्वपूर्ण खुलासे होंगे। जागरूक रहें और ऐसी ठगी का शिकार होने से बचें!

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