
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पुलिस महकमे में किए गए बड़े बदलाव के बाद, 2007 बैच के कद्दावर आईपीएस अधिकारी श्री रामगोपाल गर्ग ने आज बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) के रूप में विधिवत पदभार ग्रहण कर लिया है। उनके आगमन पर बिलासपुर एसएसपी श्री रजनेश सिंह सहित जिले के तमाम राजपत्रित अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया।
पदभार ग्रहण करने के साथ ही आईजी गर्ग ने अधिकारियों से सौजन्य भेंट की और क्षेत्र की कानून व्यवस्था को लेकर अपनी प्राथमिकताओं के संकेत दे दिए हैं।
अनुभव की लंबी फेहरिस्त
श्री रामगोपाल गर्ग छत्तीसगढ़ कैडर के उन अधिकारियों में गिने जाते हैं, जिन्हें फील्ड और प्रशासनिक दोनों ही स्तरों पर गहरा अनुभव है। बिलासपुर आने से पहले वे रायगढ़, राजनांदगांव, सरगुजा और दुर्ग जैसे महत्वपूर्ण जिलों में पुलिस अधीक्षक (SP) और रेंज मुख्यालयों में डीआईजी व आईजी के पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनकी कार्यशैली को करीब से जानने वाले उन्हें एक शांत, गंभीर और ‘रिजल्ट ओरिएंटेड’ ऑफिसर मानते हैं।
तकनीक और नवाचार के धनी: ‘साइबर कॉप’ की छवि
रामगोपाल गर्ग जी की पहचान केवल एक कड़क पुलिस अधिकारी की नहीं, बल्कि एक तकनीक प्रेमी (Tech-savvy) लीडर की भी है।

- विशिष्ट कार्य: सरगुजा और अन्य जिलों में पदस्थापना के दौरान उन्होंने साइबर अपराधों को रोकने के लिए ‘साइबर मितान’ जैसे अभियानों को गति दी थी। उन्होंने सामुदायिक पुलिसिंग के जरिए जनता और पुलिस के बीच की दूरी को कम करने में हमेशा सफलता पाई है।
- लेखन और मार्गदर्शन: पुलिस विभाग के प्रति उनका समर्पण केवल फील्ड तक सीमित नहीं है। उन्होंने पुलिस प्रक्रिया और कानून की जटिलताओं को सरल बनाने के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
विशेष नोट: रामगोपाल गर्ग जी द्वारा लिखित पुस्तकें, जो विशेष रूप से पुलिस विवेचना और कानूनी बारीकियों पर आधारित हैं, वर्तमान में पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों में नए रंगरूटों और अधिकारियों के मार्गदर्शन के लिए पढ़ाई जा रही हैं। यह उनके अकादमिक कौशल और कार्य के प्रति उनकी सूक्ष्म दृष्टि को दर्शाता है।
बिलासपुर के लिए क्या है खास?
न्यायधानी और उसके आसपास के जिलों (मुंगेली, रायगढ़, जांजगीर-चांपा आदि) में बढ़ते अपराधों और साइबर फ्रॉड की चुनौतियों के बीच रामगोपाल गर्ग की नियुक्ति काफी अहम मानी जा रही है।


