
छत्तीसगढ़ की पावन धरा एक ऐतिहासिक गौरव की साक्षी बनने जा रही है। देश में पहली बार आयोजित हो रहे ‘खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स’ की मेजबानी का जिम्मा छत्तीसगढ़ को मिला है। इस राष्ट्रीय महाकुंभ में राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले जांबाज खिलाड़ियों के चयन के लिए 6 से 8 जनवरी तक विशेष ट्रायल आयोजित किए जा रहे हैं।
अगर आपमें भी जीतने का जज्बा है और आप छत्तीसगढ़ की जनजातीय विरासत का मान बढ़ाना चाहते हैं, तो यह मौका सिर्फ आपके लिए है!
कहाँ और कब होंगे आपके खेल के इम्तिहान?
खिलाड़ियों की सुविधा के लिए ट्रायल को दो प्रमुख केंद्रों, रायपुर और बिलासपुर में बांटा गया है। अपनी पसंद के खेल के अनुसार आप निर्धारित स्थान पर पहुँच सकते हैं:
रायपुर: ताकत और टीम वर्क का संगम
- वेट-लिफ्टिंग: 6 जनवरी (सुबह 9 बजे) – स्वामी विवेकानंद स्टेडियम, कोटा।
- कुश्ती: 7 जनवरी (सुबह 9 बजे) – स्वामी विवेकानंद स्टेडियम, कोटा।
- फुटबॉल: 7 और 8 जनवरी (सुबह 9 बजे) – स्वामी विवेकानंद स्टेडियम, कोटा।
- हॉकी: 7 और 8 जनवरी (सुबह 9 बजे) – सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम।
बिलासपुर: रफ्तार, सटीकता और जलक्रीड़ा - तीरंदाजी और एथलेटिक्स: 7 जनवरी (सुबह 9 बजे) – स्वर्गीय बी.आर. यादव स्टेडियम।
- तैराकी: 7 जनवरी (सुबह 9 बजे) – जिला खेल परिसर, सरकंडा।
कौन ले सकता है हिस्सा? (पात्रता और नियम)
इस चयन प्रक्रिया की सबसे खास बात यह है कि खेल प्रतिभा को निखारने के लिए उम्र की कोई बंदिश नहीं रखी गई है। - मूल निवासी: केवल छत्तीसगढ़ के स्थायी निवासी जनजातीय खिलाड़ी ही पात्र होंगे।
- आयु सीमा: महिला एवं पुरुष दोनों वर्गों के लिए आयु का कोई बंधन नहीं है।
- जरूरी दस्तावेज: ट्रायल स्थल पर अपने साथ अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र और आधार कार्ड (या निवास प्रमाण पत्र) की ओरिजिनल कॉपी जरूर लाएं।
पंजीयन की प्रक्रिया: सरल और सुलभ
प्रशासन ने खिलाड़ियों के लिए रजिस्ट्रेशन को बेहद आसान बना दिया है। आप अपनी सुविधा अनुसार दो तरीकों से पंजीयन कर सकते हैं: - ऑनलाइन: क्यूआर कोड स्कैन करके या आधिकारिक रजिस्ट्रेशन लिंक के माध्यम से घर बैठे पंजीयन करें।
- ऑफलाइन: यदि ऑनलाइन संभव न हो, तो सीधे ट्रायल स्थल पर पहुँचकर भी अपना नाम दर्ज करा सकते हैं।
विशेष सहायता के लिए: किसी भी प्रकार की पूछताछ या जानकारी के लिए आप मोबाइल नंबर +91-8871419609 पर संपर्क कर सकते हैं या विभाग की वेबसाइट देख सकते हैं।
छत्तीसगढ़ के जंगलों और मैदानों में छिपी खेल प्रतिभाओं को अब अपनी ताकत दिखाने का वक्त आ गया है। तो उठाइए अपना सामान, कसिए कमर और निकल पड़िए अपने सपनों की उड़ान भरने के लिए।



