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डिजिटल इंडिया की ओर बिलासपुर के बढ़ते कदम: मतदाता सूची कार्य के लिए टीम पुरस्कृत

किसी भी जीवंत लोकतंत्र की सफलता उसकी निष्पक्ष और पारदर्शी निर्वाचन प्रक्रिया पर टिकी होती है, जिसका आधार एक शुद्ध और त्रुटिरहित ‘मतदाता सूची’ है। बिलासपुर जिले ने इस दिशा में एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) के कार्य में विशिष्ट कीर्तिमान स्थापित किया है।प्रशासनिक दक्षता की कसौटी समयबद्धता और गुणवत्ता होती है। बिलासपुर जिले के निर्वाचन दल ने न केवल मतदान केंद्रों के शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन का लक्ष्य प्राप्त किया, बल्कि इस चुनौतीपूर्ण कार्य को निर्धारित समय-सीमा से पूर्व ही संपन्न कर लिया। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि यदि नेतृत्व सही हो और जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले कर्मचारी समर्पित हों, तो कठिन से कठिन लक्ष्य भी सुगमता से प्राप्त किए जा सकते हैं।

इस सफलता को रेखांकित करने के लिए आयोजित सम्मान समारोह में कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कार्य के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक बेहतर और पारदर्शी मतदाता सूची ही लोकतंत्र की नींव है। जब प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम सूची में हो और कोई भी अपात्र नाम शेष न रहे, तभी जन-प्रतिनिधित्व की सही तस्वीर सामने आती है। डिजिटल माध्यम से सूची को अपडेट करने से भविष्य में होने वाली धांधलियों की गुंजाइश खत्म होती है और पारदर्शिता का स्तर बढ़ता है।इसी क्रम में, जिले के बिल्हा और बिलासपुर विधानसभा क्षेत्रों के तहसीलदारों एवं सुपरवाइजरों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए प्रोत्साहित किया गया। यह सम्मान न केवल उनके कार्यों की सराहना है, बल्कि भविष्य के लिए एक प्रेरणा भी है।

प्रशासन की इस सक्रियता और सफलता को समाज ने भी सराहा। समाजसेवी पायल लाठ और श्री चंचल सलूजा द्वारा कलेक्टर का किया गया अभिनंदन इस बात का प्रतीक है कि जब लोक-सेवक अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करते हैं, तो समाज और जनता के बीच शासन के प्रति विश्वास और अधिक गहरा हो जाता है।अंततः, बिलासपुर की यह डिजिटल उपलब्धि केवल एक तकनीकी सफलता नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र को अधिक सशक्त, सुलभ और पारदर्शी बनाने की दिशा में उठाया गया एक ठोस कदम है।

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