
गरियाबंद (छ.ग.): मेडिकल कॉलेज, जगदलपुर के शांत गलियारों में भविष्य के डॉक्टर पढ़ने आते हैं, लेकिन यहां दो छात्र ऐसे भी थे जिन्होंने अपनी डिग्री को अपराध की ढाल बना लिया था। गरियाबंद पुलिस ने दो MBBS अध्ययनरत विद्यार्थियों को गिरफ्तार कर एक सनसनीखेज खुलासा किया है, जिन्होंने फर्जीवाड़ा और ब्लैकमेलिंग को अपना फुल-टाइम करियर बना लिया था।
पकड़े गए अपराधी हैं:
- निखिल राज सिंह (झाँसी, उ.प्र.)
- चन्द्रशेखर उर्फ चंदन सेन (गरियाबंद) – जो थाना छुरा का निगरानी बदमाश भी है।
दोनों 2007 से मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रहे थे, लेकिन ‘बहुत जल्दी बहुत अधिक धन कमाने के लालच’ ने उन्हें कानून के शिकंजे में फंसा दिया।
🎭 किरदार और उनके कारनामे
- निखिल राज सिंह: सरगना और मास्टरमाइंड
निखिल राज ने इस नए अपराध की शुरुआत की। उसे एक कोरा वारंट मिला, जिसे उसने अपने साथी चंदन सेन के साथ मिलकर ब्लैकमेलिंग का हथियार बना लिया।
- अपराध का तरीका (नया): निखिल ने इस कोरे कागज़ पर पीड़ित खेमचंद का नाम-पता लिखकर इसे एक ‘नॉन-बेलेबल वारंट’ का रूप दिया और उसे डाक से पीड़ित के घर भेज दिया।
- कार्रवाई: इसके बाद, उसने पीड़ित से संपर्क साधा और धमकी दी कि अगर वह दो लाख रुपये नहीं देगा, तो उसे जेल भिजवा दिया जाएगा।
- सफलता: इस धमकी से डरकर पीड़ित ने उसे तुरंत एक लाख रुपये दे दिए, जिससे स्पष्ट होता है कि निखिल ने सफलतापूर्वक उद्यापन (Extortion) का अपराध किया।
- भागने की कोशिश: पुलिस को भनक लगते ही निखिल राज तुरंत हमसफर ट्रेन पकड़कर झाँसी भाग रहा था, लेकिन RPF और पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने उसे पेण्ड्रारोड/बिलासपुर से ही धर दबोचा।
- पुराना रिकॉर्ड: निखिल पर पहले से ही PMT फर्जीवाड़ा के दो केस दर्ज हैं। इसके अलावा, गुरुग्राम (हरियाणा) में उसके ऊपर लगभग 5 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का एक विशाल मामला भी दर्ज है, जो उसके बड़े आपराधिक नेटवर्क की ओर इशारा करता है।
- चन्द्रशेखर उर्फ चंदन सेन: स्थानीय मददगार और धमकाने वाला
चन्द्रशेखर उर्फ चंदन सेन, जो गरियाबंद का स्थानीय अपराधी और निगरानी बदमाश है, निखिल राज के कृत्यों में उसका सक्रिय सहभागी रहा।
- अपराध में भूमिका (नया): ₹1 लाख वसूलने के बाद भी, चंदन सेन ने निखिल के साथ मिलकर पीड़ित को लगातार जेल भेजने की धमकी देते हुए और पैसों की मांग जारी रखी। वह जबरन वसूली (उद्यापन) के इस अपराध में सह-आरोपी था।
- गिरफ्तारी: पुलिस ने सबसे पहले उसे थाना छुरा क्षेत्र से ही गिरफ्तार किया और उससे मिली सूचना पर ही निखिल राज को ट्रेन से पकड़ा जा सका।
- पुराना रिकॉर्ड: चंदन सेन का आपराधिक इतिहास कहीं अधिक लंबा है। PMT फर्जीवाड़ा के दो पुराने मामलों के अलावा, उसने PMT में पास कराने के नाम पर 19 लाख रुपये तक की ठगी की है। इसके अतिरिक्त, वह वार्ड बॉय की नौकरी, छात्रावास अधीक्षक की नौकरी, और स्वास्थ्य विभाग में नौकरी के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी कर चुका है।
💥 सनसनी: मेडिकल छात्र हैं, धोखाधड़ी उनका पेशा है!
पुलिस ने दोनों शातिर अपराधियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सख्त धाराएं लगाई हैं, जिनमें मुख्य रूप से उद्यापन, आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी, और जाली दस्तावेज़ का उपयोग शामिल है।
इन ‘मुन्ना भाइयों’ के कर्मों की व्याख्या स्पष्ट है: उन्होंने ‘भोले-भाले लोगों को विभिन्न तरीकों से झांसा देकर/धोखाधड़ी कर पैसा ऐंठने का काम’ 2009 से शुरू किया था। अपनी मेडिकल की पढ़ाई को ढाल बनाकर, ये दोनों राज्य और राज्य के बाहर एक बड़ा आपराधिक जाल चला रहे थे।
पुलिस ने घोषणा की है कि दोनों आरोपियों द्वारा अवैध रूप से अर्जित की गई संपत्ति की विस्तृत जाँच की जाएगी, ताकि इस आपराधिक नेटवर्क की जड़ों को पूरी तरह से नष्ट किया जा सके।


