रायपुर विधायक को ‘पहलगाम हमले’ के नाम पर धमकाया! क्या आप भी हैं ऐसे साइबर जालसाजों के निशाने पर?

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने राज्य की राजनीति और साइबर सुरक्षा दोनों को हिलाकर रख दिया है। रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के विधायक और पूर्व सांसद सुनील सोनी को एक अज्ञात कॉलर ने खुद को इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) का अधिकारी बताकर धमकाया।
यह कॉल केवल धमकी नहीं थी, बल्कि इसमें एक गंभीर और झूठा आरोप लगाया गया—कॉलर ने दावा किया कि विधायक सोनी का फोन नंबर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले में ट्रेस हुआ है!
🚨 फर्जी ‘आईबी अधिकारी’ का खौफनाक जाल
बुधवार की शाम जब यह कॉल विधायक सोनी को आया, तो उन्हें एक बड़े खतरे का सामना करना पड़ा। कॉल करने वाले का मकसद स्पष्ट रूप से ब्लैकमेलिंग और डर फैलाना था। बड़े राजनेताओं को निशाना बनाने वाली यह घटना दर्शाती है कि साइबर जालसाज अब कितने निडर हो चुके हैं और सरकारी एजेंसियों के नाम का दुरुपयोग करके कैसे लोगों को डरा रहे हैं।
👮 पुलिस की कार्रवाई: ट्रेसिंग जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए, विधायक सुनील सोनी ने तुरंत सिविल लाइंस थाना में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने अज्ञात कॉलर के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है और जांच साइबर सेल को सौंप दी गई है।
- प्राथमिकता: पुलिस उस अज्ञात नंबर को ट्रेस करने और कॉल करने वाले की वास्तविक पहचान उजागर करने में जुट गई है।
- संदेह: पुलिस का मानना है कि यह किसी बड़े साइबर फ्रॉड रैकेट का काम हो सकता है, जिसका उद्देश्य प्रतिष्ठित लोगों को डराकर धन उगाही या राजनीतिक अस्थिरता फैलाना है।
💡 जनता के लिए जागरूकता संदेश
यह घटना केवल एक विधायक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हम सभी के लिए एक बड़ी चेतावनी है। साइबर अपराधी अब आपको डराने के लिए बड़े-बड़े सरकारी पदों और गंभीर आतंकी घटनाओं का नाम ले रहे हैं।
ऐसे फर्जी कॉल्स से बचने के लिए तुरंत ये कदम उठाएं: - पहचान की पुष्टि करें: अगर कोई खुद को IB, CBI, या पुलिस अधिकारी बताए, तो तुरंत उससे उसका आईडी नंबर और कार्यालय की जानकारी मांगें। उन्हें पलटकर कहें कि आप खुद संबंधित विभाग के आधिकारिक नंबर पर कॉल करके पुष्टि करेंगे।
- घबराएं नहीं: ऐसे कॉल का प्राथमिक उद्देश्य आपको डराना होता है ताकि आप बिना सोचे-समझे उनके निर्देशों का पालन करें। शांत रहें और कोई जानकारी साझा न करें।
- सूचना साझा न करें: बैंक खाता, ओटीपी (OTP), या कोई भी व्यक्तिगत गोपनीय जानकारी (Private Information) कभी भी फोन पर साझा न करें।
- तुरंत शिकायत करें: यदि आपको इस प्रकार का कोई धमकी भरा या संदिग्ध कॉल आता है, तो तुरंत अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं।
याद रखें: कोई भी सरकारी एजेंसी या बैंक कभी भी फोन पर आपसे गोपनीय जानकारी नहीं मांगता है। सतर्कता ही साइबर अपराध से बचने का एकमात्र उपाय है!


