
प्रदेश के राजस्व विभाग में पटवारी से राजस्व निरीक्षक (RI) पद पर हुई पदोन्नति परीक्षा में हुई कथित बड़ी धांधली पर आखिरकार एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने शिकंजा कस दिया है। बुधवार सुबह-सुबह, ACB/EOW की संयुक्त टीमों ने प्रदेश के छह से अधिक प्रमुख शहरों में एक साथ 20 ठिकानों पर धुआंधार दबिश दी है, जिससे पूरे प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मच गया है।
🔴 कार्रवाई का मुख्य केंद्र: ‘फर्जी’ प्रमोशन!
यह सनसनीखेज कार्रवाई पटवारी से राजस्व निरीक्षक (RI) बनने के लिए आयोजित 2024 की परीक्षा में हुए कथित प्रमोशन घोटाले की शिकायतों पर आधारित है। लंबे समय से यह आरोप लग रहे थे कि बड़ी संख्या में पटवारियों ने अवैध तरीके और पैसे के दम पर परीक्षा पास की और RI का पद हथियाया।
जांच एजेंसियां मुख्य रूप से उन नव-प्रमोटेड राजस्व निरीक्षकों के आवासों की तलाशी ले रही हैं, जिनके परिणामों पर गंभीर सवाल उठे थे।
🗺️ रायपुर से जगदलपुर तक, एक साथ 20 जगहों पर रेड
दबिश की यह कार्रवाई सिर्फ राजधानी तक सीमित नहीं है। ACB/EOW की टीमें रायपुर के अलावा बिलासपुर, दुर्ग, अंबिकापुर, जगदलपुर, गरियाबंद, और महासमुंद समेत कई अन्य जिलों में एक ही समय पर कार्रवाई कर रही हैं।
- जांच अधिकारी प्रमोशन से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों की जानकारी, और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों (मोबाइल, लैपटॉप) की बारीकी से जांच कर रहे हैं।
- माना जा रहा है कि इस धांधली में सरकारी तंत्र के उच्च पदों पर बैठे कुछ अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं, जिन्होंने पैसे लेकर परीक्षा परिणाम में हेरफेर किया।
🗣️ विधानसभा में गूंजा था मुद्दा
गौरतलब है कि यह गंभीर मामला पहले ही छत्तीसगढ़ विधानसभा के पटल पर उठ चुका था। विपक्ष ने इस पूरे प्रमोशन को रद्द करने और CBI जांच की मांग की थी। अब, ACB/EOW की यह बड़ी कार्रवाई साफ संकेत देती है कि सरकार ने इस घोटाले पर जीरो-टॉलरेंस की नीति अपना ली है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस जांच के बाद कई राजस्व निरीक्षकों की पदोन्नति रद्द हो सकती है और उन पर कानूनी कार्रवाई की तलवार लटक सकती है।



