कौटिल्य एकेडमी’ का मालिक गिरफ्तार: 19 छात्रों से ₹18 लाख की ठगी कर हुआ था ‘फरार’

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को लाखों का चूना लगाकर फरार हुए ‘कौटिल्य एकेडमी’ के संचालक पवन टांडेश्वर को रायपुर पुलिस ने आखिरकार सलाखों के पीछे धकेल दिया है। पवन और उसकी पत्नी रूबी मजूमदार पर 19 महत्वाकांक्षी अभ्यर्थियों से ₹18,03,105 की मोटी रकम हड़पकर कोचिंग संस्थान बंद करने का आरोप है।
पुलिस के मुताबिक, सरस्वती नगर थाने में पवन टांडेश्वर के खिलाफ यह मामला पिछले साल यानी 2024 में दर्ज हुआ था। आरोपी तब से फरार चल रहा था। उन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की महत्वपूर्ण धारा 318(4) यानी धोखाधड़ी और बेईमानी से संपत्ति के वितरण के लिए प्रेरित करने, और धारा 3(5) (संभवतः सामान्य आशय से जुड़े अपराध) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था।
ठगी का पूरा प्लान:
पवन टांडेश्वर और रूबी मजूमदार ने कौटिल्य एकेडमी के नाम पर छात्रों को सुनहरे भविष्य के सपने दिखाए। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का सब्जबाग दिखाकर उन्होंने 19 छात्रों से भारी-भरकम फीस वसूली। जैसे ही लाखों रुपये उनकी तिजोरी में आए, दोनों ने रातोंरात कोचिंग संस्थान बंद कर दिया और रायपुर से चंपत हो गए।
पुलिस की लगातार तलाश के बाद अब टांडेश्वर को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह गिरफ्तारी उन सभी छात्रों के लिए एक बड़ी राहत है, जिन्होंने अपनी मेहनत की कमाई और भविष्य के सपने इन ठगों के हवाले कर दिए थे।
रायपुर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया है। देखना होगा कि यह ‘एकेडमी’ संचालक अब जेल की सलाखों के पीछे अपने ‘परीक्षा’ में क्या परिणाम लाता है। इस हाई-प्रोफाइल धोखाधड़ी मामले की हर अपडेट के लिए बने रहें हमारे साथ।



