साइबर ठगी 25% कम हुई, जनता के 2.5 करोड़ से ज़्यादा रुपये वापस! जानिए कैसे बचें

भिलाई-रायपुर। साइबर ठगी के लगातार बढ़ते खतरों के बीच, पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) रामगोपाल गर्ग के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘साइबर प्रहरी’ जागरूकता अभियान ने बड़ी सफलता हासिल की है। इस अभियान की बदौलत साइबर धोखाधड़ी के मामलों में चौथाई (25%) की उल्लेखनीय कमी आई है।सबसे राहत की बात यह है कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से ठगी के शिकार हुए नागरिकों के 2 करोड़ 56 लाख रुपये से अधिक की रकम सफलतापूर्वक वापस करा दी गई है।आईजी रामगोपाल गर्ग ने बताया कि साइबर अपराधी अब ऑनलाइन गेमिंग, फर्जी निवेश स्कीम और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं।उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा, “साइबर ठगों के जाल को समझना और सतर्क रहना ही उनसे बचने का सबसे पहला और ज़रूरी कदम है।”आपके लिए सबसे ज़रूरी बात: साइबर ठगों से बचने के 3 आसान नियम:-साइबर अपराधियों की हर चाल को मात देने के लिए इन तीन बातों को हमेशा याद रखें:

- डरें नहीं, तुरंत रिपोर्ट करें (हेल्पलाइन 1930):
- अगर कोई फोन पर खुद को पुलिस, सीबीआई, या बैंक अधिकारी बताकर डराता है या धमकी देता है, तो तुरंत 1930 या 112 पर कॉल करें।
- किसी भी झांसे या दबाव में न आएं।
- OTP, PIN, Password – हमेशा गोपनीय रखें:
- अपना बैंक खाता नंबर, OTP (वन टाइम पासवर्ड), डेबिट/क्रेडिट कार्ड की जानकारी, या कोई भी निजी गोपनीय जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति से फोन या मैसेज पर कभी साझा न करें।
- अनजान लिंक और कॉल से दूरी:
- लॉटरी, इनाम, या जल्दी पैसा कमाने का झांसा देने वाले किसी भी संदिग्ध लिंक या मैसेज को पूरी तरह अनदेखा करें।
- याद रखें, कोई भी ज़िम्मेदार संस्था या बैंक आपसे ऐसी संवेदनशील जानकारी नहीं मांगता।
साइबर सुरक्षा को अपनी आदत बनाएं। आपकी जागरूकता ही आपकी सबसे बड़ी ढाल है! यदि किसी भी प्रकार की ठगी हो जाए, तो देरी किए बिना 1930 पर शिकायत करें।



