
टेक्नोलॉजी का दुरुपयोग: कॉलेज की लड़कियों को बनाया निशाना
रायपुर की पुलिस ने एक चौंकाने वाले मामले में एक छात्र को गिरफ्तार किया है। इस छात्र ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के औजारों का इस्तेमाल करके अपने ही कॉलेज की कुछ छात्राओं की आपत्तिजनक और बिल्कुल झूठी तस्वीरें (जिसे ‘डीपफेक’ भी कहते हैं) बनाईं। यह घटना डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT), नवा रायपुर की है।
कॉलेज प्रशासन का कहना है कि आरोपी छात्र की इस शर्मनाक हरकत से पीड़ित लड़कियों और उनके घरवालों को गहरा सदमा लगा है और कॉलेज की इज्जत को भी बहुत नुकसान हुआ है।
क्या हुआ और कौन है आरोपी?
कॉलेज के रजिस्ट्रार (कुलसचिव) डॉ. श्रीनिवास के.जी. ने राखी थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि छात्र सैय्यद रहीम अदनान अली ने AI सॉफ्टवेयर की मदद से लड़कियों की असली तस्वीरों को बदलकर (मॉर्फ करके) उन्हें गंदे और आपत्तिजनक रूप में दिखाया।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए फौरन कार्रवाई की। एण्टी क्राईम एण्ड सायबर यूनिट और थाना राखी की टीम ने मिलकर आरोपी छात्र सैय्यद रहीम अदनान अली को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
- AI का खतरा: यह मामला बताता है कि कैसे नई-नई टेक्नोलॉजी (जैसे AI इमेज जनरेशन) का गलत इस्तेमाल करके लोग दूसरों को परेशान और बदनाम कर सकते हैं।
- कानूनी कार्रवाई: आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की गंभीर धाराएँ लगाई गई हैं। ये धाराएँ खासकर इंटरनेट पर धोखाधड़ी, पहचान चुराने और गलत तस्वीरें फैलाने जैसे साइबर अपराधों से जुड़ी हैं।
गिरफ्तार किया गया छात्र सैय्यद रहीम अदनान अली (उम्र 21 साल) मूल रूप से बिलासपुर का रहने वाला है और IIIT नवा रायपुर के हॉस्टल में रह रहा था। पुलिस अब यह जाँच कर रही है कि उसने ये तस्वीरें और कहाँ-कहाँ भेजी थीं।
यह घटना उन सभी पैरेंट्स और टीचर्स के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि बच्चों को इंटरनेट और नई टेक्नोलॉजी के सही इस्तेमाल के बारे में सिखाना कितना जरूरी है।



