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विश्व रक्तदान दिवस: सीआरपीएफ जवानों ने दिखाया मानवता का जज्बा

केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, ग्रुप केन्द्र भरनी बिलासपुर में रक्तदान जीवनदान की भावना के साथ एक विशेष रक्तदान शिविर आयोजित किया गया।यह शिविर ग्रुप केन्द्र अस्पताल बिलासपुर के साथ-साथ छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन बिलासपुर महिला इकाई एवं पायल – एक नया सवेरा वेलफेयर फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। इस दौरान जवानों के उत्साह और समाज सेवा की जीवंत मिसाल देखने को मिली।।                                                              डीआईजी राज कुमार ने बढ़ाया उत्साह: शिविर का शुभारंभ ग्रुप केन्द्र बिलासपुर के उप महानिरीक्षक श्री राज कुमार ने स्वयं रक्तदान करके किया। उन्होंने जवानों और अधिकारियों को मानवता की सेवा के लिए प्रेरित करते हुए कहा:”रक्तदान जैसे नेक कार्य का उद्देश्य निस्वार्थ भाव से जरूरतमंद मरीजों की जान बचाना है। रक्त की कमी से जूझ रहे रोगियों और दुर्घटनाग्रस्त लोगों के लिए यह जीवन का वरदान साबित हो सकता है।

“त्योहारों के बीच भी उमड़ा उत्साहत्योहारों के चलते कई जवान अवकाश पर थे, फिर भी 27 से अधिक अधिकारियों और जवानों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया। उनका यह उदाहरण दर्शाता है कि सेवा और समर्पण केवल ड्यूटी तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज और मानवता के प्रति भी है।।                                          प्रमुख अतिथि और संगठन:-           इस अवसर पर श्री मनोज कुमार (कमाण्डेन्ट), डॉ. अशलेशा कोहड (मुख्य चिकित्सा अधिकारी), समाजसेविका श्रीमती पायल लाठ एवं उनकी टीम, श्री अवजीत प्रभात सहा (कमाण्डेन्ट), श्रीमती नीलिमा नर्जरी (उप कमाण्डेन्ट मंत्रालय), श्रीमती कलावती ठाकुर (सहायक कमाण्डेन्ट), श्री सुशील पाण्डेय (सहायक कमाण्डेन्ट), श्री पी. नर्जरी (सहायक कमाण्डेन्ट मंत्रालय) सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, अधीनस्थ अधिकारी, जवान और महिला कर्मी उपस्थित रहे।

शिविर में सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती पायल लाठ ने उपस्थित सभी अधिकारियों, जवानों एवं आगंतुकों को रक्तदान के महत्व पर जागरूक किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान केवल मानवता की सबसे बड़ी सेवा ही नहीं, बल्कि यह किसी अनजान व्यक्ति को जीवन देने का सरल और महान माध्यम है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए यह संदेश दिया कि हर स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए, क्योंकि आपके द्वारा दिया गया एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद के जीवन की डोर बन सकता है।।                                                        रक्तदान: समाज की साझा जिम्मेदारीरक्तदान केवल एक सामाजिक सेवा नहीं, बल्कि इंसानियत का सबसे बड़ा त्योहार है। इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि मिलजुलकर समाज के हर वर्ग की भागीदारी से किसी भी जरूरतमंद की जान बचाई जा सकती है।

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