
रायपुर/खरोरा: अक्सर खबरें आती हैं सोने-चांदी की चोरी की, लेकिन रायपुर पुलिस ने एक ऐसे ‘बकरा/बकरी चोरी सिंडिकेट’ का पर्दाफाश किया है, जिसे सुनकर आप चौक जाएंगे।जी हाँ, यह कहानी है एक बकरी पालक गोविंद यादव की, जिनके घर से एक रात में 17 मासूम बकरे-बकरियाँ ‘गायब’ हो गए! चोरों ने ‘बकरे के कोठे’ का ताला तोड़ा और मवेशियों को बाकायदा ज़ाइलो कार में भरकर भागे ।खरोरा थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई, और फिर शुरू हुआ रायपुर पुलिस की एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट का एक्शन। पुलिस ने ‘बकरी चोरों’ को ट्रैक करने के लिए सैकड़ों CCTV फुटेज खंगाले।
काफ़ी मशक्कत के बाद, पुलिस को पाँच ‘सक्रिय चोरों’ (मोह. अशरफ, मोह. अकरम, मोह. सरवर, मोह. ईरशाद और मोह. हुसैन) का पता चला। पूछताछ में पता चला कि भाई साहब, ये तो ‘सीरियल बकरी चोर’ हैं! इनमें से तीन आरोपी तो पहले भी भिलाई-दुर्ग में इसी ‘बकरी प्रेम’ के चलते जेल की हवा खा चुके हैं!
‘शेफ’ सोहेल खान की दुखद कहानी!
चोरी किए गए 17 में से 8 बकरे/बकरियाँ तो इन चोरों के पास से बरामद हो गए, लेकिन बाकी 9 का क्या हुआ?
चोरों ने बताया कि उन्होंने ‘माल’ दुर्ग के एक ‘क्रेता’ (खरीददार) सोहेल खान को बेचा था। जब पुलिस ने ‘मास्टर शेफ’ सोहेल खान को पकड़ा, तो सोहेल खान ने बहुत ही दुखद ख़बर दी – “बकरे कट चुके हैं, साहेब!”
यानी, बेचारे 9 बकरे/बकरियाँ तो दावत बन चुके थे! सोहेल खान शायद अपने इलाके के ‘नंबर 1 मटन सप्लायर’ बनने की राह पर थे, लेकिन पुलिस ने उनके इस ‘बड़ा मटन’ के धंधे पर ब्रेक लगा दिया।
‘बकरा-चोरी’ में 6.5 लाख का माल बरामद!
पुलिस ने इस ‘बकरी गैंग’ के 6 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से चोरी की 8 बकरियाँ, 5,500/- रुपये नकद (शायद बकरा बेचकर मिले थे), ज़ाइलो कार और एक मोटर साइकिल ज़ब्त की गई है। ज़ब्त ‘माल-मशरूका’ की कुल कीमत लगभग 6,50,000/- रुपये बताई जा रही है!
पुलिस की इस धमाकेदार कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि रायपुर पुलिस की नज़र ‘छोटे’ या ‘बड़े’ किसी भी अपराधी को नहीं बख्शेगी, भले ही वह इंसानों की चोरी करे या फिर बेचारे बकरे-बकरियों की! अब ये ‘बकरा चोर’ जेल में बैठकर शायद यही सोच रहे होंगे, “क्यों पाला ये ‘बकरे का शौक’!”



