
छत्तीसगढ़ में अब शिक्षकों की भर्ती के लिए नया रास्ता खुल गया है! हाल ही में, सरकार ने स्कूल और कॉलेजों में शिक्षकों की भर्ती से पहले पात्रता परीक्षाओं को आयोजित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। यह कदम स्थानीय युवाओं के लिए सुनहरा अवसर लेकर आया है।
शिक्षक बनने के लिए दो अहम पड़ाव: TET और SET
स्कूलों में शिक्षक बनने के इच्छुक उम्मीदवारों को अब शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करनी होगी, जबकि कॉलेजों में पढ़ाने का सपना देखने वालों के लिए राज्य पात्रता परीक्षा (SET) अनिवार्य होगी। सरकार का मानना है कि इन परीक्षाओं से योग्य और कुशल शिक्षकों का चयन हो पाएगा।
छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (CG Vyapam) ने TET की तैयारी शुरू कर दी है, जिसकी अधिसूचना दिसंबर 2025 तक जारी होने की उम्मीद है। यह परीक्षा फरवरी 2026 में आयोजित हो सकती है।
TET और SET: क्या आप जानते हैं इनके बारे में?
TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) द्वारा 2010 से कक्षा 1 से 8 तक के शिक्षकों के लिए अनिवार्य की गई थी। छत्तीसगढ़ में यह परीक्षा अब तक सात बार हो चुकी है, और इसकी वैधता अब आजीवन कर दी गई है।
दूसरी ओर, SET (राज्य पात्रता परीक्षा) कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक बनने के लिए ज़रूरी है। यह परीक्षा इस बार सातवीं बार होगी और इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग यूजीसी से अनुमति ले रहा है। यह परीक्षा मार्च-अप्रैल 2026 में होने की संभावना है। इस बार कुल 30 विषयों में यह परीक्षा आयोजित होगी, जिसमें हिंदी, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, इतिहास और वाणिज्य जैसे कई महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बढ़ी परीक्षाओं की अहमियत
हाल ही में, सितंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम आदेश जारी किया है, जिससे TET परीक्षा का महत्व और भी बढ़ गया है। कोर्ट के अनुसार, सरकारी और गैर-सरकारी शिक्षण संस्थानों में नौकरी और पदोन्नति के लिए अब TET पास करना अनिवार्य होगा। पाँच साल से ज़्यादा सेवा वाले शिक्षकों को भी यह परीक्षा देनी होगी, अन्यथा उन्हें इस्तीफा देना पड़ सकता है।
हज़ारों पदों पर होगी भर्ती
सरकार ने इस पहल के साथ ही शिक्षकों की बंपर भर्ती की भी घोषणा कर दी है। जल्द ही, स्कूलों में 5,000 और कॉलेजों में 700 पदों पर भर्ती की जाएगी। इनमें सहायक प्राध्यापक और क्रीड़ा अधिकारी के पद भी शामिल हैं। वर्तमान में, राज्य के सरकारी स्कूलों में करीब 40,000 और कॉलेजों में लगभग 2,600 सहायक प्राध्यापक के पद खाली हैं, इसलिए यह भर्ती इन रिक्तियों को भरने में मदद करेगी।



