
राजधानी में एक बार फिर आपराधिक वारदात ने शहरवासियों को चौंका दिया है। आमानाका थाना क्षेत्र के तेंदुआ इलाके में 14 सितंबर की रात हुई एक जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने इन आरोपियों के पास से एक लोहे का पाइप, देसी कट्टा, दो जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 109, 3(5) बीएनएस, 25 और 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
घटना का विवरण
14 सितंबर की रात करीब 11 बजे प्रकाश साहू का बेटा अजय साहू अपने दोस्तों के साथ घूमने निकला था। कुछ देर बाद उसके दोस्त विकास वर्मा ने प्रकाश साहू को फोन कर बताया कि अजय गंभीर रूप से घायल अवस्था में राम टीएमटी, तेंदुआ के पास पड़ा है। उसे तुरंत बीरगांव के एक अस्पताल ले जाया गया, जहाँ पता चला कि उसके सिर में गंभीर चोट है और वह बेहोश है।
परिजनों को शक हुआ कि किसी ने जान से मारने की नीयत से उस पर हमला किया है। इसी आधार पर आमानाका थाने में अपराध क्रमांक 310/25 दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस की तत्परता और जांच
इस गंभीर मामले को देखते हुए, पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने तुरंत अधिकारियों को आरोपियों की तलाश करने के निर्देश दिए। इसके बाद एण्टी क्राइम एंड साइबर यूनिट और आमानाका थाने की एक संयुक्त टीम बनाई गई।
टीम ने पीड़ित के दोस्तों से पूछताछ की, घटनास्थल का गहनता से निरीक्षण किया, आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मुखबिरों की मदद से तकनीकी जांच भी की। इस दौरान पुलिस को आरोपियों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे।
दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल दो आरोपियों, सोहेल राणा (18 वर्ष) और दिलशाद अंसारी (21 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उन्होंने बताया कि उस रात उनका अजय साहू और उसके दोस्तों से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था।
विवाद इतना बढ़ा कि हाथापाई की नौबत आ गई। आरोपियों ने डर दिखाने के लिए अपना देसी कट्टा निकाला, जिसके बाद अजय के दोस्त भाग गए। अजय के अकेले रह जाने पर आरोपियों ने लोहे के पाइप से उसके सिर पर हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक सुधांशु बघेल (थाना प्रभारी आमानाका) और निरीक्षक परेश पाण्डेय (प्रभारी, एण्टी क्राइम एंड साइबर यूनिट) समेत पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



