
खैरागढ़: छत्तीसगढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल उठे हैं। महाराष्ट्र से मध्य प्रदेश होते हुए जंगल के रास्ते छत्तीसगढ़ लाया जा रहा 7 करोड़ रुपये का 10 किलो सोना पकड़ा गया, लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि पुलिस ने उसे महज 2000 रुपये में छोड़ दिया। इस पूरे खेल का खुलासा होने के बाद तीन पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी है।
गातापार थाने के TI समेत 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड
यह चौंकाने वाली घटना गातापार थाना क्षेत्र की है, जहाँ नाकाबंदी ड्यूटी के दौरान यह सोना पकड़ा गया था। मामला संज्ञान में आते ही वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया और तत्काल कार्रवाई की।
पुलिस अधीक्षक खैरागढ़ ने इस पूरे प्रकरण में घोर लापरवाही, उदासीनता और स्वेच्छाचारिता का आरोप लगाते हुए तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। इनमें गातापार थाने के प्रभारी निरीक्षक आलोक साहू, सउनि. नंदकिशोर वैष्णव और प्रधान आरक्षक तेजान ध्रुव शामिल हैं।

निलंबन आदेश के मुताबिक, इन तीनों पर संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त होने का आरोप है। पुलिस को संदेह है कि इस मामले में न केवल लापरवाही बरती गई, बल्कि अपराधियों के साथ मिलकर मोटी रकम के लिए सौदा किया गया। फिलहाल तीनों को रक्षित केंद्र खैरागढ़ में संबद्ध कर दिया गया है।



