
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ड्रग्स के खिलाफ जारी अभियान में पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। रायपुर पुलिस ने एक ऐसे ‘चिट्टा’ (हेरोइन) सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है जो वीडियो और लोकेशन शेयरिंग के जरिए पूरे नेटवर्क को चला रहा था। इस कार्रवाई में मुख्य सप्लायर समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से ₹57 लाख की 273 ग्राम हेरोइन जब्त की गई है।
कैसे काम करता था यह सिंडिकेट?
यह ड्रग सिंडिकेट बेहद ही हाई-टेक तरीके से काम करता था। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्य आरोपी मनमोहन सिंह संधू उर्फ जग्गू, जो पंजाब का रहने वाला है, अपनी पत्नी जसप्रीत कौर के साथ मिलकर रायपुर में ड्रग्स का कारोबार चला रहा था। वह अपने डिस्ट्रीब्यूटर्स विजय मोटवानी और भूषण शर्मा को हेरोइन उपलब्ध कराता था, जो आगे इसे छोटे-छोटे पैकेट में बेचते थे।
इस गिरोह के लोग आमने-सामने की बजाय वीडियो और लोकेशन शेयर करके ड्रग्स की डिलीवरी करते थे। इस तकनीक का इस्तेमाल करके वे पुलिस की नजरों से बच निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन एंटी-क्राइम एंड साइबर यूनिट और कबीर नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने इस पूरे नेटवर्क को भेद दिया।
पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई
पुलिस को हीरापुर के वेदांत वाटिका के पास एक शख्स के हेरोइन बेचने की सूचना मिली। जब टीम ने मनमोहन सिंह संधू उर्फ जग्गू को रंगेहाथ पकड़ा तो उसने पूरे सिंडिकेट का खुलासा कर दिया। इसके बाद, पुलिस ने बिना देर किए एक साथ कई जगहों पर छापेमारी की।
- हीरापुर के वीर सावरकर नगर में जग्गू के घर से उसकी पत्नी जसप्रीत कौर को पकड़ा गया।
- आर.डी.ए. कॉलोनी से दिव्या जैन और नितिन पटेल को गिरफ्तार किया गया।
- डिस्ट्रीब्यूटर विजय मोटवानी को भी उसके घर से पकड़ा गया, जो स्कूटी पर घूम-घूम कर ड्रग्स की सप्लाई करता था।
- कोतवाली थाने में दर्ज एक पुराने मामले की पूछताछ में एक और आरोपी भूषण शर्मा का नाम सामने आया, जिसे बाद में गिरफ्तार किया गया।
करोड़ों का कारोबार, पुलिस की कड़ी नजर
पुलिस के मुताबिक, इस सिंडिकेट से जब्त की गई हेरोइन का खुदरा मूल्य 57 लाख रुपये है। इसके अलावा, 5 मोबाइल फोन और एक स्कूटी भी जब्त की गई है।
यह कार्रवाई रायपुर पुलिस द्वारा पिछले कुछ समय से चलाए जा रहे ‘नशे के खिलाफ’ अभियान का हिस्सा है। अब तक पुलिस ने अलग-अलग मामलों में 34 आरोपियों को गिरफ्तार कर कुल 1 करोड़ 57 लाख रुपये की हेरोइन जब्त की है।
इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में पुलिस महानिरीक्षक श्री अमरेश मिश्रा, पुलिस उप महानिरीक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट के प्रभारी निरीक्षक परेश कुमार पाण्डेय, थाना प्रभारी कबीर नगर निरीक्षक सुनील दास, और एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट की टीम शामिल थी, जिसमें उनि सतीश पुरिया, मुकेश सोरी, सउनि अतुलेश राय, मंगलेश्वर सिंह परिहार, प्र.आर गुरूदयाल सिंह, पुष्पराज सिंह परिहार, प्रमोद वर्ठी, महेन्द्र राजपूत, चिंतामणी साहू, सुरेश देशमुख, म.प्र.आर. बसंती मौर्य, आर. मुनीर रजा, बोधेन मिश्रा, विकास क्षत्री, राजेन्द्र तिवारी, केशव सिन्हा, विक्रम वर्मा, प्रशांत शुक्ला, नितेश सिंह, अमित वर्मा, लालेश नायक, टेकसिंह मोहले, मनीष पटेल, और अभिषेक सिंह तोमर शामिल थे। थाना कबीर नगर से सउनि घनश्याम साहू और आर. दीपक सिंह का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।




