
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर बिलासपुर में एक ऐसा आयोजन हुआ, जिसने शिक्षा के महत्व को फिर से स्थापित किया और कई परिवारों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी। Payal Ek Naya Savera Welfare Foundation और छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन बिलासपुर महिला इकाई ने मिलकर मोहंती गर्ल्स स्कूल में एक प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किया, जिसका मुख्य उद्देश्य ‘शिक्षा को हर बच्चे का अधिकार बनाना’ था।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक श्री शुशांत शुक्ला जी, विशिष्ट अतिथि विजय अग्रवाल जी एवं सुशील अग्रवाल जी, और विशेष अतिथि आशा अग्रवाल जी एवं पूनम श्रीवास्तव जी की गरिमामयी उपस्थिति ने इसे और भी खास बना दिया।
17 बच्चों की शिक्षा का लिया गया संकल्प
इस अवसर पर एक बेहद महत्वपूर्ण घोषणा की गई—फाउंडेशन ने 17 बच्चों की शिक्षा की पूरी जिम्मेदारी उठाने का संकल्प लिया। इन बच्चों की किताबें, फीस और अन्य सभी शैक्षणिक जरूरतें अब फाउंडेशन द्वारा पूरी की जाएंगी। मुख्य अतिथि के हाथों बच्चों को स्कूल बैग और कॉपी-किताबें भी भेंट की गईं, ताकि वे अपने नए सत्र की शुरुआत पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ कर सकें। यह पहल वाकई काबिले तारीफ है, जो यह सुनिश्चित करती है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
निस्वार्थ सहयोग और सामूहिक शक्ति
इस मुहिम को सफल बनाने में कई लोगों का निस्वार्थ सहयोग मिला। फाउंडेशन ने श्रीराम फाउंडेशन, विशाल बजाज, लोकेश ठक्कर, और राहुल अग्रवाल के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। इनके मार्गदर्शन और सहयोग ने न केवल संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की, बल्कि पूरी पहल को सही दिशा और मजबूती भी दी। उपाध्यक्ष प्रशांत सिंह राजपूत, सचिव चंचल सलूजा, और अप्पू केसरी जी ने भी इस नेक कार्य में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम में मोहंती गर्ल्स स्कूल की प्राचार्य श्रीमती अंजना लाल सहित प्राची बरगाह, अनिल जेम्स, एन. लदेर, एच. मसीह, ए. एफ. हाशमी, एस. कटारे, और एम. के. वर्मा की उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी सशक्त बनाया।
‘असली आज़ादी तब, जब कोई बच्चा अज्ञान में नहीं रहेगा’ – पायल लाठ
फाउंडेशन की अध्यक्ष पायल लाठ ने इस अवसर पर अपनी गहरी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा, “असली आज़ादी तब होगी, जब इस देश का कोई भी बच्चा अज्ञान के अंधेरे में नहीं रहेगा। हम तब तक नहीं रुकेंगे, जब तक हर घर में शिक्षा का दीप नहीं जलता।” उन्होंने आगे कहा, “आज ये 17 बच्चे हमारे सपनों का हिस्सा हैं, कल ये ही बच्चे भारत का उज्ज्वल भविष्य बनेंगे। हमें केवल तिरंगे से प्रेम नहीं, बल्कि उस हर बच्चे से प्रेम करना होगा जो इस तिरंगे के नीचे सपने देख रहा है।”
विधायक श्री शुशांत शुक्ला जी ने पायल लाठ के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, “पायल लाठ मेरी बहन हैं और मैं हमेशा ऐसे कार्य को सराहूँगा। मैं हर बच्चे की शिक्षा के लिए सहयोग करने के लिए हमेशा साथ खड़ा रहूँगा।”
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिसमें उपस्थित सभी लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे शिक्षा की इस मशाल को हर गली, हर गाँव और हर घर तक पहुँचाएंगे। यह आयोजन बिलासपुर में शिक्षा के प्रति समर्पण का एक नया अध्याय लिख गया।




