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पहचान बदलकर उद्योगों में शरण ले रहे अपराधी: रायपुर के स्टील प्लांट से बिहार का कुख्यात  इनामी गिरफ्तार; वेरिफिकेशन में लापरवाही पर कंपनी को नोटिस

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर का औद्योगिक इलाका सिलतरा अमूमन फैक्ट्रियों की चिमनियों से निकलते धुएं और मशीनों की गड़गड़ाहट के लिए जाना जाता है। लेकिन इसी सिलतरा के एक नामी स्टील प्लांट में पिछले कुछ समय से एक ऐसा शख्स काम कर रहा था, जिसकी तलाश बिहार पुलिस को सालों से थी। वह कोई मामूली अपराधी नहीं, बल्कि ₹25,000 का इनामी और संगीन अपराधों का फरार आरोपी था।
रायपुर ग्रामीण की सिलतरा चौकी पुलिस और बिहार की जहानाबाद पुलिस ने एक संयुक्त और बेहद गोपनीय ऑपरेशन चलाकर इस शातिर आरोपी को दबोच लिया है। आइए जानते हैं इस हाई-वोल्टेज पुलिसिया एक्शन की पूरी इनसाइड स्टोरी।

6 साल पुराना गुनाह और ‘गोछिया’ का वो फरार आरोपी

मामला साल 2019 का है। बिहार के जहानाबाद जिले के महिला थाने में एक ऐसा मुकदमा (अपराध क्रमांक 35/2019) दर्ज हुआ, जिसने इलाके को दहला दिया था। आरोपी का नाम है अजय यादव (पिता स्वर्गीय राम यादव), जो जहानाबाद के परसबिगहा थाना क्षेत्र के ग्राम गोछिया का रहने वाला है।
अजय पर घर में जबरन घुसने, जानलेवा हमला, चोरी, तोड़फोड़ और सामूहिक दुष्कर्म (Gangrape) जैसी गंभीर धाराओं (457, 341, 323, 307, 379, 504, 376(डी), 427, 34 भादवि एवं 25, 27 आर्म्स एक्ट) के तहत मामला दर्ज था। वारदात को अंजाम देने के बाद से ही अजय गायब हो गया था। पुलिस की तमाम कोशिशों के बाद भी वह हाथ नहीं आ रहा था, जिसके बाद पुलिस महानिरीक्षक (मगध क्षेत्र, गया) ने उस पर 25,000 रुपये का नगद इनाम घोषित कर दिया था।

साइबर सेल का ‘लोकेशन ट्रेस’ और रायपुर में जाल

अजय पुलिस की आंखों में धूल झोंककर लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। लेकिन तकनीकी विश्लेषण और साइबर ट्रैकिंग के जरिए आखिरकार बिहार पुलिस को एक पुख्ता सुराग मिला—आरोपी छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के ग्रामीण इलाके में छिपा है।
सूचना मिलते ही जहानाबाद पुलिस की एक विशेष टीम तुरंत रायपुर के लिए रवाना हुई। उन्होंने रायपुर ग्रामीण के सिलतरा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक राजेन्द्र सिंह कंवर से संपर्क किया। इसके बाद शुरू हुआ दोनों राज्यों की पुलिस का ज्वाइंट ऑपरेशन।

पहचान बदलकर स्टील प्लांट में कर रहा था नौकरी

पुलिस टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि सिलतरा एक विशाल औद्योगिक क्षेत्र है, जहां हजारों की संख्या में बाहरी मजदूर और कर्मचारी काम करते हैं। अजय ने भी इसी भीड़ का फायदा उठाया था। वह अपनी असली पहचान छिपाकर एक निजी स्टील कंपनी में नौकरी कर रहा था और आम मजदूरों की तरह रह रहा था।
पुलिस ने बिना कोई शोर-शराबा किए, सादे कपड़ों में कंपनी के भीतर और बाहर रेकी की। जैसे ही आरोपी अजय यादव की पहचान पक्की हुई, पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी करके उसे धर दबोचा। अचानक सामने खड़ी पुलिस को देखकर आरोपी के होश उड़ गए।

अब लापरवाही बरतने वाली स्टील कंपनी पर गिरेगी गाज

इस बड़ी कामयाबी के बाद सिलतरा के औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। रायपुर पुलिस ने इस मामले में स्थानीय उद्योग प्रबंधन की बड़ी लापरवाही पकड़ी है। पुलिस के सख्त निर्देश हैं कि बाहर से आने वाले हर छोटे-बड़े कर्मचारी का पुलिस वेरिफिकेशन (सत्यापन) अनिवार्य है। लेकिन संबंधित स्टील कंपनी ने इस नियम को ताक पर रख दिया था, जिसके कारण एक इनामी बलात्कारी और अपराधी वहां महीनों तक सुरक्षित छिपा रहा।

कड़ा एक्शन: रायपुर पुलिस ने इस लापरवाही को बेहद गंभीरता से लिया है। संबंधित कंपनी संचालक और प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी है। इसके साथ ही क्षेत्र के सभी उद्योगों को अल्टीमेटम दे दिया गया है कि वे अपने कर्मचारियों का वेरिफिकेशन जल्द से जल्द पूरा कराएं।

बिहार रवाना हुई पुलिस टीम

गिरफ्तारी के बाद रायपुर पुलिस ने सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर आरोपी अजय यादव को जहानाबाद पुलिस के सुपुर्द कर दिया। बिहार पुलिस की टीम कानूनी प्रक्रिया और कोर्ट में पेशी के लिए आरोपी को लेकर जहानाबाद रवाना हो चुकी है।

इस जांबाज टीम को मिली सफलता

इस बेहद संवेदनशील और सफल ऑपरेशन को अंजाम देने में दोनों राज्यों के इन पुलिसकर्मियों की मुख्य भूमिका रही:

  • रायपुर ग्रामीण (सिलतरा चौकी) से: उपनिरीक्षक राजेन्द्र सिंह कंवर (चौकी प्रभारी), परिवीक्षाधीन उपनिरीक्षक किशन लाल, सहायक उपनिरीक्षक रमेश शर्मा, आरक्षक राजकुमार चौबे और आरक्षक अर्जुन कुर्रे।
  • जहानाबाद पुलिस (बिहार) से: उपनिरीक्षक सुरूचि शर्मा, सहायक उपनिरीक्षक धनंजय कुमार, आरक्षक श्रीराम साहू, बंशी कुमार, मिन्टू कुमार और महिला आरक्षक कोमल कुमारी।
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