
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के नार्थ जोन अंतर्गत वार्ड नंबर 13 में आज उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक लावारिस बैग में विस्फोटक सामग्री होने की खबर सामने आई। इस पूरी घटना ने स्थानीय निवासियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा कर दी, लेकिन पुलिस और प्रशासन की मुस्तैदी से स्थिति को समय रहते संभाल लिया गया।
घटना का घटनाक्रम: मितानिन की सूझबूझ से खुला राज
यह मामला आज प्रातः तब शुरू हुआ जब वार्ड नंबर 13 की मितानिन पुष्पा साहू के पास विनय देवांगन नामक व्यक्ति एक बैग छोड़कर चला गया। बैग की स्थिति और छोड़ने के तरीके को देखते हुए पुष्पा साहू को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने इसकी जानकारी तुरंत वार्ड के पार्षद अश्विनी यादव को दी। पार्षद ने बिना समय गंवाए पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
जांच और विशेषज्ञों की टीम
सूचना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ डॉग स्क्वॉड, बी़डीएस (Bomb Disposal Squad) और एफएसएल (FSL) की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। सुरक्षा के कड़े घेरे के बीच जब विशेषज्ञों ने संदिग्ध बैग की जांच की, तो उसमें विस्फोटक सामग्री बरामद हुई।
कम तीव्रता का विस्फोटक बरामद

जांच के बाद अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बैग के भीतर ‘लो एक्सप्लोसिव’ पाया गया है। प्राथमिक तौर पर यह पटाखा बनाने में इस्तेमाल होने वाला बारूद बताया जा रहा है, जिसकी मात्रा काफी कम थी। हालांकि, रिहाइशी इलाके में इस तरह की सामग्री का मिलना गंभीर लापरवाही और सुरक्षा का विषय है।
कानूनी कार्यवाही जारी
पुलिस ने मौके से बरामद सामग्री को जब्त कर लिया है और आरोपी विनय देवांगन के इस कृत्य के पीछे के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि विस्फोटक का स्रोत क्या था और इसे मितानिन के पास छोड़ने का क्या उद्देश्य था।
इस घटना ने एक बार फिर स्थानीय स्तर पर सतर्कता के महत्व को रेखांकित किया है, जहां एक मितानिन और पार्षद की सक्रियता ने संभावित खतरे की सूचना समय पर पुलिस तक पहुंचाई। फिलहाल क्षेत्र में शांति है और पुलिस अपनी आगे की विवेचना में जुटी है।



