घटनाचक्रछत्तीसगढ़जागरूकताराष्ट्रीय खबर

बड़ी राहत: वैश्विक युद्ध के संकट के बीच भारत में सस्ता हुआ तेल; मुख्यमंत्री साय ने बताया ‘ऐतिहासिक कदम’

रायपुर/नई दिल्ली: जहाँ एक ओर पूरी दुनिया युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव के साये में है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, वहीं भारत सरकार ने एक ऐसा फैसला लिया है जिसने सबको चौंका दिया है। केंद्र सरकार ने डीजल पर एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) को पूरी तरह समाप्त कर दिया है और पेट्रोल पर ₹10 प्रति लीटर की भारी कटौती की है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस निर्णय का पुरजोर स्वागत किया है।
आम आदमी की जेब पर सीधा असर: कितना सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल?
इस फैसले का सबसे बड़ा असर आम नागरिक की बचत पर पड़ेगा। एक्साइज ड्यूटी में इस कटौती के बाद छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों जैसे रायपुर और बिलासपुर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग ₹10 प्रति लीटर तक की कमी देखने को मिल सकती है।

  • परिवहन होगा सस्ता: डीजल की कीमतों में गिरावट से माल ढुलाई की लागत कम होगी, जिससे बाजार में सब्जी, फल और राशन जैसी जरूरी चीजों के दाम स्थिर रह सकेंगे।
  • खेती-किसानी को संबल: छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान राज्य है। खेती के उपकरणों और सिंचाई के पंपों में डीजल का बड़ा उपयोग होता है। ड्यूटी खत्म होने से किसानों की लागत घटेगी और उनकी आय में सुधार होगा।
    एक बड़ा सवाल: युद्ध के संकट में तेल सस्ता कैसे?
    अक्सर देखा जाता है कि जब भी दुनिया में युद्ध की स्थिति बनती है (जैसा कि वर्तमान में मध्य पूर्व के संकट के कारण हो रहा है), तेल की सप्लाई प्रभावित होती है और कीमतें बढ़ती हैं। ऐसे में भारत में कीमतें कम होना एक आर्थिक चमत्कार जैसा लग सकता है, लेकिन इसके पीछे सरकार की गहरी रणनीति है:
  • महंगाई पर लगाम (Inflation Control): सरकार जानती है कि अगर ईंधन महंगा हुआ, तो चौतरफा महंगाई बढ़ जाएगी। जनता को इस ‘वैश्विक झटके’ से बचाने के लिए सरकार ने टैक्स के रूप में होने वाली अपनी कमाई का त्याग किया है।
  • टैक्स का संतुलन: जहाँ घरेलू बाजार में टैक्स कम किया गया है, वहीं तेल के निर्यात (Export) पर ‘विंडफॉल टैक्स’ जैसे कड़े कदम उठाकर सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि देश का संसाधन पहले देशवासियों के काम आए।
  • संवेदनशील शासन: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के शब्दों में, “140 करोड़ नागरिकों को सीधी राहत देने वाला है।”
    क्या है इस फैसले के मायने?
    यह केवल एक आर्थिक रियायत नहीं है, बल्कि एक मनोवैज्ञानिक राहत भी है। जब वैश्विक अनिश्चितता के कारण लोग डरे हुए होते हैं, तब सरकार द्वारा दी गई ऐसी राहत जनता में भरोसे को मजबूत करती है। मुख्यमंत्री साय ने  कहा है कि वैश्विक संकट के इस दौर में भी आम नागरिकों पर अतिरिक्त बोझ न बढ़ने देना एक बड़ी मानवीय पहल है।
    छत्तीसगढ़ की जनता के लिए यह खबर किसी सौगात से कम नहीं है। अब देखना यह होगा कि इस कटौती के बाद क्या राज्य सरकार भी वैट (VAT) में कुछ कमी कर जनता को ‘डबल इंजन’ की राहत प्रदान करती है??
Join Dainik Bodh Whatsapp Community

Related Articles

Back to top button