
रायपुर। राजधानी में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधियों में खौफ पैदा करने के लिए रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने एक और बड़ा कदम उठाया है। शहर के एक बेहद शातिर और आदतन अपराधी के खिलाफ पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कड़ा रुख अपनाते हुए ‘जिला बदर’ का आदेश जारी कर दिया है।
कौन है आरोपी और क्या है पूरा मामला?
जिस आरोपी पर यह गाज गिरी है, उसका पूरा नाम राजकुमार उर्फ चेतन साहू (उम्र 30 वर्ष) है। वह लाला राम साहू का बेटा है और दुर्गा पारा, शिव मंदिर के पास, संतोषी नगर (थाना टिकरापारा, रायपुर) का रहने वाला है।
पुलिस उपायुक्त (पश्चिम क्षेत्र) की रिपोर्ट पर जब इस मामले की गहराई से जांच की गई, तो आरोपी का एक लंबा-चौड़ा क्रिमिनल रिकॉर्ड सामने आया। राजकुमार उर्फ चेतन साहू साल 2010 से ही लगातार गंभीर वारदातों को अंजाम दे रहा था। उसके खिलाफ अकेले टिकरापारा थाने में ही मारपीट, जान से मारने की धमकी, नकबजनी, लूट, आर्म्स एक्ट (अवैध हथियार), जुआ और आबकारी (अवैध शराब) के कुल 18 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
सुधरने का नहीं लिया नाम, तो पुलिस ने सिखाया सबक
पुलिस ने इस शातिर बदमाश को सुधारने के लिए पहले भी कई बार प्रतिबंधात्मक (रोकथाम वाली) कानूनी कार्रवाई की थी, लेकिन इसके व्यवहार और हरकतों में कोई सुधार नहीं आया। वह लगातार शहर की शांति व्यवस्था के लिए खतरा बना हुआ था।
इन 6 जिलों से 3 महीने के लिए किया गया बाहर
आरोपी के लगातार बढ़ते अपराधों को देखते हुए पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5(ख) का इस्तेमाल करते हुए कड़ा फैसला सुनाया। इस आदेश के तहत आरोपी राजकुमार उर्फ चेतन साहू को 03 महीने की अवधि के लिए रायपुर समेत आसपास के कुल 6 जिलों की सीमाओं से बाहर (निष्कासित) कर दिया गया है।
अब अगले 3 महीनों तक यह आरोपी इन जिलों की राजस्व सीमाओं में कदम भी नहीं रख सकेगा:
- रायपुर
- दुर्ग
- धमतरी
- महासमुंद
- बलौदाबाजार
- गरियाबंद
रायपुर पुलिस का साफ कहना है कि शहर में आम नागरिकों की सुरक्षा सबसे ऊपर है और शांति भंग करने वाले किसी भी असामाजिक तत्व या अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।



