
रायपुर पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग को बेनकाब किया है जो खुद को भारत सरकार का बड़ा साहब (अधिकारी) बताकर लोगों की गाढ़ी कमाई उड़ा रहा था। अपनी कार पर ‘भारत सरकार’ लिखवाकर और एडिटेड (फर्जी) फोटो दिखाकर रोब झाड़ने वाले इस ‘फर्जी कमिश्नर’ को आखिरकार पुलिस ने धर दबोचा है।
गिरफ्तार आरोपी का नाम रजनीश कुमार राय उर्फ छोटू राय है, जो मूल रूप से बिहार के बक्सर जिले का रहने वाला है और वर्तमान में दुर्ग के अमलेश्वर में रह रहा था। आइए जानते हैं इस हाई-प्रोफाइल ठग के कारनामे और कैसे हुआ इसका भंडाफोड़।
ट्रेन की मुलाकात और ‘कमिश्नर’ का जाल
इस पूरे खेल की शुरुआत करीब दो साल पहले ट्रेन के एक सफर के दौरान हुई। वहां पीड़ित गुरु नारायण की मुलाकात रजनीश कुमार राय से हुई। रजनीश ने बेहद शातिराना अंदाज में खुद को भारत सरकार के ‘स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय’ में सहायक आयुक्त (असिस्टेंट कमिश्नर) बताया।
उसने गुरु नारायण पर अपनी ऊंची पहुंच का रौब झाड़ा और दावा किया कि वह किसी का भी ट्रांसफर, पोस्टिंग या सरकारी नौकरी चुटकियों में करवा सकता है। उसने प्रार्थी को 5 लाख रुपये में मनचाही जगह पदस्थापना (पोस्टिंग) दिलाने का लालच दिया।
ऐसे खुला ‘फर्जी साहब’ का राज
रजनीश अलग-अलग समय पर अलग-अलग विभागों के फर्जी पहचान-पत्र (आईडी कार्ड) दिखाता था। कभी स्वास्थ्य मंत्रालय तो कभी कोई और विभाग। बार-बार बदलते इन संदिग्ध पहचान-पत्रों को देखकर गुरु नारायण को शक हो गया। उन्होंने बिना देर किए इसकी शिकायत रायपुर के थाना सिविल लाइन में दर्ज करा दी।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 376/2026, धारा 318(2), 319(2), 336(3) और 340 बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
छत्तीसगढ़ से बिहार तक फैला था ठगी का जाल
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर/मध्य जोन) श्री स्मृतिक राजनाला ने तुरंत एक स्पेशल टीम तैयार की। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU), थाना सिविल लाइन और थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी सुरागों और पुख्ता जानकारी के आधार पर घेराबंदी कर रजनीश कुमार राय उर्फ छोटू राय को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपी ने अपने सारे गुनाह उगल दिए। उसने माना कि:
- वह केंद्रीय अधिकारी का फर्जी रौब झाड़कर लोगों का विश्वास जीतने के लिए बड़े नेताओं या अफसरों के साथ अपनी एडिटेड (फर्जी) तस्वीरें दिखाता था।
- अपनी गाड़ी पर बकायदा ‘भारत सरकार’ लिखवा रखा था ताकि कोई शक न करे।
- उसने सिर्फ रायपुर ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ और बिहार के कई लोगों को सरकारी नौकरी और ट्रांसफर का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी की है।
महंगे शौक और जप्त सामान
29 साल के इस शातिर ठग को महंगी शॉपिंग और आलीशान जिंदगी जीने का शौक था। ठगी के पैसों से उसने जमकर ऐश की। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर उसके पास से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज और सामान जप्त किया है:
- फर्जी पहचान-पत्र (ID Cards) और संदिग्ध दस्तावेज
- ठगी की रकम से खरीदे गए महंगे मोबाइल फोन और लैपटॉप
- तीन चालू सिम कार्ड और फर्जी सिम
- क्रेडिट कार्ड से जुड़े दस्तावेज और नगद राशि
- ठगी के खेल और आवाजाही में इस्तेमाल होने वाली कार
आगे क्या?
पुलिस ने आरोपी रजनीश कुमार राय को रिमांड पर लिया है। उसके पास से मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों (लैपटॉप-मोबाइल) और दस्तावेजों की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ में अभी छत्तीसगढ़ और बिहार के कई और पीड़ितों के नाम सामने आ सकते हैं और ठगी के बड़े खुलासे हो सकते हैं।गिरफ्तार आरोपी का पूरा विवरण:
- नाम: रजनीश कुमार राय उर्फ छोटू राय (उम्र 29 साल)
- पिता का नाम: राम निवास राय
- स्थायी निवासी: राजपुर नौरंग रायकेडेरा, थाना सिमरी, जिला बक्सर (बिहार)
- वर्तमान पता: मारूति सेवन वंडर सिटी, मकान नंबर 285/286, अमलेश्वर, जिला दुर्ग (छत्तीसगढ़)



