अपराधघोटालाछत्तीसगढ़न्यायधानीपुलिस

बिलासपुर: धान खरीदी केंद्र में 28.51 लाख का बड़ा घोटाला, पुलिस ने तीन ‘सफेदपोश’ जालसाजों को भेजा जेल

मस्तूरी/बिलासपुर: छत्तीसगढ़ में जहां एक तरफ शासन किसानों की मेहनत का दाना-दाना खरीदने का प्रयास कर रहा है, वहीं दूसरी ओर भ्रष्टाचार के घुन व्यवस्था को खोखला करने में लगे हैं। बिलासपुर जिले के मस्तूरी थाना क्षेत्र अंतर्गत ‘गतौरा धान खरीदी केंद्र’ में एक बड़ा गबन का मामला सामने आया है। सरकारी धान में हेर-फेर कर शासन को करीब 28.51 लाख रुपये की चपत लगाने वाले तीन आरोपियों को बिलासपुर पुलिस ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।

क्या है पूरा मामला? (गबन का गणित)
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित मस्तूरी के प्रार्थी ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि सेवा सहकारी समिति मर्यादित गतौरा (पंजीयन क्रमांक 1294) में धान खरीदी के दौरान नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गई हैं। जब संयुक्त जांच दल ने केंद्र का ‘भौतिक सत्यापन’ किया, तो रिकॉर्ड और मौके पर मौजूद स्टॉक में भारी अंतर मिला।
जांच में पाया गया कि आरोपियों ने मिलीभगत कर कुल 919.96 क्विंटल धान गायब कर दिया है। विपणन वर्ष 2025-26 की सरकारी नीति का उल्लंघन करते हुए इस धान को ठिकाने लगाया गया, जिसकी कुल बाजार कीमत 28 लाख 51 हजार रुपये आंकी गई है।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
शिकायत के बाद मस्तूरी पुलिस ने धारा 316(5) BNS के तहत अपराध पंजीबद्ध कर त्वरित कार्रवाई की। पुलिस टीम ने आरोपियों के ठिकानों पर दबिश देकर उन्हें हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ के बाद आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद शुक्रवार (03.04.2026) को उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की सूची:

  • कोमल प्रसाद चंद्रकार (46 वर्ष): संस्था प्रबंधक, निवासी कर्रा।
  • राजेन्द्र राठौर (64 वर्ष): प्राधिकृत अध्यक्ष, निवासी बजरंग चौक, गौतरा।
  • हुलेश्वर धीरही (38 वर्ष): कंप्यूटर ऑपरेटर, निवासी सुकुलकारी (पचपेड़ी)।
    विश्लेषणात्मक पहलू: भरोसे का कत्ल
    धान खरीदी केंद्रों में इस तरह के गबन न केवल सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि उन किसानों के भरोसे को भी तोड़ते हैं जो अपना पसीना बहाकर फसल उगाते हैं। इस मामले में कंप्यूटर ऑपरेटर से लेकर संस्था प्रबंधक तक की संलिप्तता यह दर्शाती है कि यह कोई चूक नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश थी।
Join Dainik Bodh Whatsapp Community

Related Articles

Back to top button