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MRM पोर्टल से वापस मिल रहे ऑनलाइन ठगी के पैसे, जानिए कैसे काम करती है यह तकनीकी व्यवस्था??

साइबर ठगों के झांसे में आकर अपनी गाढ़ी कमाई गंवा चुके लोगों के लिए  MRM पोर्टल उम्मीद की एक मजबूत किरण बनकर उभरी है। पुलिस कमिश्नरेट रायपुर के नॉर्थ जोन के अंतर्गत आने वाले थाना गुढ़ियारी ने तकनीक का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए MRM (Money Restoration Module) पोर्टल के जरिए पीड़ितों की डूबी हुई रकम को सफलतापूर्वक वापस कराया है।

हाल ही में गुढ़ियारी थाना पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के दो मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ितों के ₹51,499/- तुरंत उनके खातों में वापस दिलाए हैं।

क्या हैं ताजा मामले?

  • मामला 01: मुर्रा भट्टी गुढ़ियारी निवासी सुनील कुमार पटेल (पिता – दुर्गा प्रसाद पटेल) के साथ ₹99,998/- की ऑनलाइन ठगी हुई थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए MRM पोर्टल के माध्यम से ₹26,699/- तुरंत वापस कराए, जबकि ₹10,000/- की राशि वापसी की प्रक्रिया में है।
  • मामला 02: विकास नगर गुढ़ियारी निवासी राहुल शर्मा (पिता – कृष्ण कुमार शर्मा) के साथ ₹48,700/- का ऑनलाइन फ्रॉड हुआ था। पुलिस ने तकनीकी तस्दीक करते हुए पोर्टल के जरिए ₹24,500/- की राशि सुरक्षित रूप से वापस दिला दी।

आखिर क्या है यह MRM पोर्टल और कैसे मिलते हैं डूबे हुए पैसे? बहुत से लोगों के मन में यह सवाल होता है कि ऑनलाइन ठगी के शिकार होने के बाद क्या पैसे सचमुच वापस मिल सकते हैं? इसका जवाब है— हां, अगर समय पर सही कदम उठाया जाए।

  • परिभाषा: MRM (Money Restoration Module) एक ऐसा उन्नत तकनीकी डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके जरिए साइबर फ्रॉड के मामलों में पुलिस, बैंक और संबंधित वित्तीय संस्थाएं आपस में तालमेल बिठाती हैं।
  • वर्किंग प्रोसेस: जैसे ही कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है और इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी जाती है, पुलिस बैंक खातों के ट्रांजैक्शन ट्रेल को ट्रैक करती है।
  • राशि की होल्डिंग: इस पोर्टल के माध्यम से ठगों के बैंक खातों में ट्रांसफर हो चुकी राशि को समय रहते ‘फ्रीज’ या ‘होल्ड’ करा दिया जाता है, जिससे आरोपी उस पैसे का इस्तेमाल नहीं कर पाते। इसके बाद कानूनी और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी कर रकम को वैध मालिक यानी पीड़ित के खाते में वापस ट्रांसफर कर दिया जाता है।

नॉर्थ जोन पुलिस की अपील रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के मार्गदर्शन और डीसीपी (उत्तर जोन) श्रीमती दीपमाला कश्यप के सुपरविजन में थाना प्रभारी नरेंद्र साहू और उनकी साइबर टीम लगातार तकनीक का लोहा मनवा रही है। पुलिस का साफ संदेश है कि साइबर ठगी होने पर घबराएं नहीं, बल्कि बिना एक पल गंवाए तुरंत पुलिस से संपर्क करें। जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होगी, MRM पोर्टल के जरिए पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी ही ज्यादा होगी।

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