छत्तीसगढ़ के तेजतर्रार आईपीएस संतोष सिंह को मिली दिल्ली मेट्रो की बड़ी जिम्मेदारी, संभालेंगे 271 स्टेशनों और लाखों यात्रियों की सुरक्षा

दिल्ली की ‘लाइफलाइन’ कही जाने वाली मेट्रो रेल नेटवर्क की सुरक्षा व्यवस्था अब छत्तीसगढ़ कैडर के एक अनुभवी आईपीएस अधिकारी के हाथों में होगी। छत्तीसगढ़ कैडर के 2011 बैच के तेजतर्रार आईपीएस संतोष सिंह को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में डीआईजी (DIG) के पद पर तैनात करते हुए दिल्ली मेट्रो सुरक्षा की कमान सौंपी गई है।
दिल्ली मेट्रो देश का सबसे व्यस्त शहरी परिवहन माध्यम है, जिसके दायरे में 271 स्टेशन आते हैं। यह नेटवर्क न सिर्फ दिल्ली बल्कि उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कई शहरों को भी आपस में जोड़ता है। कुछ समय पहले ही एक दिन में लगभग 82.45 लाख यात्रियों ने दिल्ली मेट्रो से सफर किया था, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है। इतने विशाल जनसमूह, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और स्टेशनों की सुरक्षा का यह जिम्मा बेहद संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण माना जाता है, जिसे अब आईपीएस संतोष सिंह संभालेंगे।
मैदानी पुलिसिंग और औद्योगिक सुरक्षा का लंबा अनुभव आईपीएस संतोष सिंह का प्रशासनिक और पुलिसिंग का सफर बेहद शानदार रहा है। छत्तीसगढ़ में अपनी लंबी सेवाओं के दौरान वे राज्य के 9 जिलों—रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, राजनांदगांव, कोरिया, रायगढ़, महासमुंद, नारायणपुर और कोंडागांव में एसपी/एसएसपी के रूप में कमान संभाल चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने सुकमा में एएसपी और दुर्ग में सीएसपी के रूप में भी काम किया है।
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान वे हैदराबाद में DIG साउथ जोन-2 की जिम्मेदारी निभा रहे थे। इस दौरान उनके पास आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उत्तरी कर्नाटक के रणनीतिक व औद्योगिक प्रतिष्ठानों के साथ-साथ पूर्वी तट के बंदरगाहों की सुरक्षा का भी अनुभव रहा है। सुरक्षा प्रबंधन और कानून-व्यवस्था के इसी पुख्ता अनुभव को देखते हुए उन्हें देश की राजधानी की इस अहम सुरक्षा जिम्मेदारी के लिए चुना गया है।
समुदायिक पुलिसिंग के लिए भी हैं खास पहचान आईपीएस संतोष सिंह सिर्फ सख्त कानून-व्यवस्था के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी संवेदनशील और जन-सहभागिता वाली (कम्युनिटी) पुलिसिंग के लिए भी जाने जाते हैं। छत्तीसगढ़ में पोस्टिंग के दौरान उन्होंने पुलिस और आम जनता के बीच की दूरी को कम करने के लिए कई सराहनीय पहल की थीं।
सुरक्षा के मोर्चे पर उनका यह नया कदम न केवल दिल्ली मेट्रो के यात्रियों की सुरक्षा को और पुख्ता करेगा, बल्कि राजधानी की इस व्यस्त परिवहन प्रणाली में सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी एक मजबूत नेतृत्व साबित होगा।




