
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से जबरन वसूली का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पुलिस अधिकारियों को घूस देने और मामला रफा-दफा करने के नाम पर एक युवक से लाखों रुपये की मांग की गई। डर के मारे पीड़ित के परिवार ने एक लाख रुपये दे भी दिए, लेकिन जब धमकियां बंद नहीं हुईं, तो पुलिस ने एक्शन लिया। तारबाहर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों में से एक को धर दबोचा है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
क्या है पूरा मामला?
महासमुंद जिले के सरायपाली (ग्राम मोहदा) का रहने वाला प्रार्थी रूपेश पटेल बीती 19 जून 2026 को अपने निजी काम से बिलासपुर आया था। यहां उसकी दो महिला मित्रों के साथ किसी बात पर वाद-विवाद हो गया, जिसके बाद तीनों अपनी शिकायत लेकर तारबाहर थाने पहुंचे।
थाने पहुंचने के बाद घबराए रूपेश ने मदद के लिए अपने दोस्त सचिन मेहर को फोन लगाया और पूरी बात बताई। सचिन मेहर ने इस बात की जानकारी व्यापार विहार बिलासपुर के रहने वाले सुमित देवांगन को दी। दोनों ने प्रार्थी की मजबूरी और डर का फायदा उठाने की साजिश रच डाली।
5 लाख की डिमांड, खाते में ट्रांसफर कराए 1 लाख
सचिन मेहर और सुमित देवांगन ने रूपेश के घर पर फोन किया और डराया कि मामला गंभीर है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को पैसा देने के नाम पर 5 लाख रुपये की भारी-भरकम मांग कर दी। डरे हुए परिजनों ने आनन-फानन में 1 लाख रुपये सुमित देवांगन के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए।
इसके बाद भी आरोपियों का पेट नहीं भरा। वे पिछले चार दिनों से लगातार फोन कर बाकी बचे 4 लाख रुपये देने के लिए रूपेश को धमका रहे थे। जब रूपेश ने सुमित से 1 लाख रुपये के बारे में पूछा, तो उसने बताया कि वह रकम उसने किसी अन्य आरोपी के खाते में ट्रांसफर कर दी है। परेशान होकर प्रार्थी ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर एक्शन
मामले की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री रजनेश सिंह (IPS) ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। एडिशनल एसपी (शहर) श्री पंकज कुमार पटेल और सीएसपी सिटी कोतवाली श्री गगन कुमार (IPS) के मार्गदर्शन में तारबाहर थाना प्रभारी निरीक्षक रवींद्र अनंत के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई।
पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों (Technical Evidence) और मोबाइल लोकेशन के आधार पर घेराबंदी कर आरोपी सुमित कुमार देवांगन (उम्र 36 साल, निवासी देवांगन मोहल्ला, चांपा) को हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में जुर्म कबूला, भेजा गया जेल
कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी सुमित देवांगन ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने माना कि उसने रूपेश के घरवालों से 1 लाख रुपये अपने खाते में मंगवाए थे और बाद में उस रकम को दूसरे फरार आरोपी के खाते में ट्रांसफर कर दिया था। तारबाहर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
थाना: तारबाहर, जिला बिलासपुर (छ.ग.)
अपराध क्रमांक: 209/2026
धाराएं: भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज।
पुलिस का कहना है: मामले के अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं। पुलिस की टीमें उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं, और उन्हें भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।




