
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुलिस ने महिलाओं को निशाना बनाने वाले उड़ीसा के एक शातिर अंतर्राज्यीय चैन स्नैचिंग और लूट गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के स्थानीय मददगार सहित कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरोह ने तोरवा और सिरगिट्टी थाना क्षेत्रों में लगातार तीन बड़ी वारदातों को अंजाम देकर सनसनी फैला दी थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ संगठित अपराध और आपराधिक षड्यंत्र की सख्त धाराएं लगाई हैं।
सुबह की सफाई के दौरान हुई थी पहली वारदात:-
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब 15 मई 2026 को तोरवा थाना क्षेत्र की शिवधाम कॉलोनी में सुबह करीब 6 बजे एक महिला अपने घर के बाहर साफ-सफाई कर रही थी। इसी दौरान एक बिना नंबर की स्कूटी पर सवार तीन अज्ञात बदमाश वहां पहुंचे और महिला के गले से सोने की चैन झपटकर फरार हो गए। बिलासपुर के पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रजनेश सिंह के निर्देश पर इस मामले की जांच के लिए तुरंत एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया।।

सीसीटीवी फुटेज और एक जैसी मोडस ऑपेरंडी से मिला सुराग:-
जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल और उसके आसपास लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज में एक बिना नंबर की नीली स्कूटी पर सवार संदिग्ध युवक नजर आए। इसी बीच सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में भी एक महिला के साथ मारपीट कर सोने की चैन लूटने की एक और वारदात सामने आई। जब पुलिस ने दोनों घटनाओं के सीसीटीवी फुटेज, आरोपियों के हुलिये और काम करने के तरीके का मिलान किया, तो साफ हो गया कि इन दोनों वारदातों के पीछे एक ही गिरोह का हाथ है।
स्थानीय मददगार ने घर में दी थी पनाह:-
तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरों से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने सिरगिट्टी के गणेश नगर में दबिश देकर नवीन साहू नाम के एक युवक को हिरासत में लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर नवीन ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि उसने ही उड़ीसा के अपने शातिर साथियों को बिलासपुर में लूट और चैन स्नैचिंग करने के लिए बुलाया था। नवीन उन्हें अपने घर में ठहराता था और स्थानीय रास्तों व रेकी में उनकी मदद करता था। इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर गिरोह के बाकी सदस्यों को भी दबोच लिया।
अलग-अलग राज्यों में फैला है गिरोह का नेटवर्क:-
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने तोरवा और सिरगिट्टी इलाके में तीन महिलाओं से चैन स्नैचिंग और लूट की बात कबूल की है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह उड़ीसा से आकर अलग-अलग राज्यों के शहरों में सक्रिय होता था। वहां किसी स्थानीय व्यक्ति को लालच देकर अपने साथ मिलाते थे और फिर सुनसान सड़कों या सुबह-शाम अकेले निकलने वाली महिलाओं को अपना निशाना बनाते थे। फिलहाल पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई बिना नंबर की सफेद रंग की स्कूटी को जप्त कर लिया है। गिरोह के 6 सदस्यों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है, जबकि इनके 3 अन्य फरार साथियों की तलाश सरगर्मी से की जा रही है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम:
- शिव सिंह (उम्र 28 वर्ष) – निवासी बसंती कॉलोनी, थाना उदित नगर, राउरकेला, जिला सुंदरगढ़, उड़ीसा।
- शक्ति प्रसाद (उम्र 20 वर्ष) – निवासी एसटीआई चौक के पास, गंगाधर नगर, थाना रघुनाथपाली, जिला सुंदरगढ़, उड़ीसा।
- नवीन साहू (उम्र 32 वर्ष, स्थानीय मददगार) – निवासी गणेश नगर, ज्योति मेडिकल स्टोर के पास, थाना सिरगिट्टी, बिलासपुर।
- प्रमोद सिंह (उम्र 30 वर्ष) – निवासी रायभोगा, थाना रायभोगा, जिला सुंदरगढ़, उड़ीसा।
- अतुल मुंडा (उम्र 18 वर्ष 03 माह) – निवासी सिगमेड़ा, थाना उदितपुर, उड़ीसा।
- बसंता खड़िया (उम्र 20 वर्ष) – निवासी ग्राम बोड़पोड़ा, जिला संबलपुर, उड़ीसा (हाल पता: गणेश नगर, थाना सिरगिट्टी, बिलासपुर)।
बिलासपुर पुलिस की आम जनता से अपील
इस बड़ी कामयाबी के बाद बिलासपुर पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि यदि आपके मोहल्ले, कॉलोनी या आसपास के घरों में बाहर से आकर कोई अज्ञात व्यक्ति ठहरता है या संदिग्ध रूप से किराए पर रहता है, तो उसकी जानकारी तुरंत अपने नजदीकी थाने को दें। जागरूक नागरिकों की एक छोटी सी सूचना पुलिस को समय पर मिलने से ऐसी आपराधिक घटनाओं और बाहरी गैंग की सक्रियता पर पूरी तरह रोक लगाई जा सकती है।



