

शहर में अमन-चैन बनाए रखने के लिए बिलासपुर पुलिस इन दिनों फुल एक्शन मोड में है। पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले भर के थानों में गुंडा-बदमाशों की जमकर क्लास ली गई। इस अभियान से अपराधियों के बीच हड़कंप मच गया है।
थानों में हुई बदमाशों की परेड
जिले के सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस ने अपनी सूची में दर्ज बदमाशों को थाने बुलाकर उनकी सघन चेकिंग की। पुलिस ने कुल 146 गुंडा बदमाशों और 34 निगरानी बदमाशों का सत्यापन किया। इस दौरान पुलिस ने केवल उनकी हाजिरी ही नहीं ली, बल्कि उनके रहन-सहन, काम-काज और उनके संपर्कों की भी पूरी जानकारी जुटाई।
पुलिस की दो टूक: ‘अपराध छोड़ो या जेल चुनो’
चेकिंग के दौरान सभी बदमाशों को पुलिस अधिकारियों ने सख्त लहजे में चेतावनी दी। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि कोई भी फिर से अपराध की दुनिया में कदम रखता है या किसी भी संदिग्ध गतिविधि में शामिल पाया जाता है, तो उस पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई होगी। जरूरत पड़ने पर पुलिस उनकी जमानत निरस्त कराने के लिए भी कोर्ट में अर्जी लगाएगी।
बड़ी कार्यवाही एक नजर में:


- प्रतिबंधात्मक कार्रवाई: शांति भंग करने की आशंका में 15 मामलों में BNSS की धारा 126, 129 और 135 के तहत सख्त कदम उठाए गए।
- वारंट तामीली: लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों के खिलाफ 03 वारंट तामील किए गए।
- फरार बदमाशों की तलाश: जो बदमाश चेकिंग के दौरान थानों में उपस्थित नहीं हुए, पुलिस अब उनकी तलाश में जुट गई है।
जनता की सुरक्षा सर्वोपरि
बिलासपुर पुलिस का यह अभियान कानून व्यवस्था को मजबूत करने और आम जनता के मन में सुरक्षा का भाव पैदा करने के लिए चलाया जा रहा है। संदिग्धों पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है ताकि शहरवासी बिना किसी डर के रह सकें। पुलिस की इस सक्रियता ने साफ कर दिया है कि बिलासपुर की सड़कों पर अब गुंडागर्दी के लिए कोई जगह नहीं है।





