
बिलासपुर। न्यायधानी की सड़कों पर रात के सन्नाटे में कानून की धज्जियाँ कैसे उड़ाई जाती हैं, इसका ताजा उदाहरण लिंक रोड स्थित ‘अमीगोज पब एंड बार’ (Amigoz Pub & Bar) में देखने को मिला। सोमवार की देर रात यहाँ न केवल नियमों को ताक पर रखकर शराब परोसी जा रही थी, बल्कि मामूली विवाद ने देखते ही देखते संघर्ष का रूप ले लिया।
आधी रात को पार्किंग में जमकर हुई ‘कुटाई’:-
जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत पब के कर्मचारी तौसीफ खान और तीन युवकों के बीच हुई। देखते ही देखते नाजिम खान, सज्जान बुखारी और सम्मान खान नाम के तीन युवकों ने तौसीफ पर हमला कर दिया। पब की पार्किंग में हुई इस बेदम पिटाई से कर्मचारी बुरी तरह घायल हो गया है। घायल तौसीफ की शिकायत पर तारबहार पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन इस घटना ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
शटर के पीछे का ‘काला खेल’
यह घटना महज एक मारपीट का मामला नहीं है, बल्कि उस अवैध कारोबार का पर्दाफाश है जो प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा है। स्थानीय सूत्रों और वायरल खबरों की मानें तो:
- अमीगोज पब एंड बार निर्धारित समय के बाद भी बंद नहीं होता।
- बाहर से शटर गिराकर अंदर और पीछे के रास्ते से रात के अंधेरे में मनचाही शराब और बीयर ऊंचे दामों पर बेची जाती है।
- रात 1 बजे जब पूरा शहर सो रहा होता है, तब इस पब की पार्किंग में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है।
सवालों के घेरे में आबकारी विभाग और पुलिस
जब पब सरकारी नियमों के अनुसार समय पर बंद हो चुका था, तो रात 1 बजे पार्किंग में ये युवक क्या कर रहे थे? आखिर किसके संरक्षण में ‘शटर के पीछे’ शराब का खेल चल रहा है? तारबहार पुलिस और आबकारी विभाग (Excise Department) की गश्त पर अब उंगलियां उठ रही हैं। क्या विभाग किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है?
सावधान रहें, जागरूक बनें
यह घटना उन युवाओं के लिए एक सबक है जो देर रात तक पब और बार की चमक-धमक में खुद को असुरक्षित माहौल में झोंक देते हैं। शहर के बीचों-बीच चल रहे ऐसे अवैध संचालन न केवल कानून व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा हैं।
प्रशासन से मांग: क्या इन पब संचालकों पर सख्त कार्रवाई होगी या फिर ‘ऊपर तक पहुंच’ के दम पर यह खूनी खेल ऐसे ही जारी रहेगा? शहर की जनता अब जवाब चाहती है।
बिलासपुर की ऐसी ही बेबाक और सटीक खबरों के लिए बने रहें हमारे साथ। - (ख़बर – साभार वरिष्ठ पत्रकार रवि शुक्ला जी)




