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साइबर क्राइम पर रायपुर पुलिस की बड़ी चोट: ‘ऑपरेशन साइबर शील्ड’ में 4 गिरफ्तार, ‘म्यूल अकाउंट्स’ का चीनी कनेक्शन उजागर!

करोड़ों की धोखाधड़ी का पर्दाफाश: मैट्रीमोनियल साइट्स की आड़ में बड़ा रैकेट
रायपुर, 5 अक्टूबर 2025 – रेंज पुलिस महानिरीक्षक (IGP) रायपुर, श्री अमरेश मिश्रा के नेतृत्व में चलाए जा रहा ‘ऑपरेशन साइबर शील्ड’ ने एक बड़े अंतर्राज्यीय साइबर धोखाधड़ी रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में उड़ीसा, गुजरात, बिलासपुर और रायपुर के चार मुख्य आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस को 500 से अधिक बैंक अकाउंट्स में करोड़ों रुपए के संदिग्ध लेन-देन की जानकारी मिली है, जो दिखाता है कि ठगी का यह जाल कितना व्यापक था।
क्या है ‘म्यूल अकाउंट’ का खेल?
गिरफ्तार किए गए ये आरोपी ‘म्यूल बैंक अकाउंट्स’ से जुड़े थे। म्यूल अकाउंट्स ऐसे बैंक खाते होते हैं जिनका उपयोग अपराधी अवैध रूप से अर्जित धन (जैसे- साइबर धोखाधड़ी या मनी लॉन्ड्रिंग) को एक जगह से दूसरी जगह भेजने के लिए करते हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि इन म्यूल अकाउंट्स को एक खास APK (एंड्रॉइड पैकेज किट) के माध्यम से चीनी नागरिक नियंत्रित कर रहे थे। ट्रांजैक्शन की गई रकम के आधार पर ही इन भारतीय सहयोगियों को उनका कमीशन मिलता था। यह प्रकरण साइबर अपराध में विदेशी कनेक्शन और मनी लॉन्ड्रिंग के खतरनाक गठजोड़ को उजागर करता है।
कैसे फँसाते थे लोगों को?
ठगी का यह गोरखधंधा तीन फर्जी मैट्रिमोनियल (वैवाहिक) वेबसाइट्स के जरिए चलाया जा रहा था:

  • www.erishtaa.com
  • www.jeevanjodi.com
  • www.royalrishtey.com
    आरोपी इन साइट्स पर वर और वधू की फर्जी तस्वीरें दिखाकर लोगों को झाँसे में लेते थे और उनसे लाखों की धोखाधड़ी करते थे।
    रायपुर में दो ठिकानों पर ‘साइबर रेड’
    पुलिस ने सटीक सूचना के आधार पर रायपुर के दो प्रमुख स्थानों पर छापा मारा और फर्जी कार्यालयों को सील कर दिया:
  • गोल चौक डगनिया: जहाँ ‘जीवन जोड़ी’ और ‘रॉयल रिश्ते’ के नाम से फर्जी ऑफिस संचालित था।
  • कटोरा तालाब: जहाँ ‘ई रिश्ता’ के नाम से फर्जी ऑफिस चल रहा था।
    गिरफ्तार आरोपियों के पास से 50 मोबाइल फोन, 10 डेस्कटॉप कंप्यूटर, बड़ी संख्या में सिम कार्ड और 60 बैंक अकाउंट किट बरामद हुए हैं। प्राथमिक जाँच में पता चला है कि इन लोगों ने देश भर के 500 से अधिक लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है।
    पुलिस की बड़ी कार्रवाई और आगे की जाँच
    IGP श्री अमरेश मिश्रा के सख्त निर्देश पर, रेंज साइबर थाना रायपुर ने साइबर क्राइम पोर्टल पर रिपोर्ट किए गए म्यूल बैंक अकाउंट्स की गहन जाँच शुरू की है। इस संबंध में थाना डीडी नगर और आजाद चौक में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं (जैसे- 317(2), 317(4), 317(5), 111, 3(5) आदि) के तहत दो अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं।
    पुलिस अब उन सभी बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है जिनमें असामान्य या बड़ी मात्रा में ट्रांजैक्शन हुए हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में और भी कई नाम सामने आए हैं जो ठगी के लिए इन बैंक खातों का उपयोग करते थे। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि म्यूल बैंक अकाउंट धारक, संवर्धक, ब्रोकर या ठगी के लिए खाता उपलब्ध कराने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सभी की गिरफ्तारी होगी।
    यह ऑपरेशन साइबर अपराधियों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि छत्तीसगढ़ पुलिस साइबर सुरक्षा को लेकर गंभीर है और तकनीक आधारित अपराधों पर नकेल कसने के लिए पूरी तरह तैयार है।
    गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
  • गजसिंघ सुना (ओडिशा)
  • भिखु सचदेव (गुजरात)
  • साहिल कौशिक (बिलासपुर)
  • हर्षित शर्मा (रायपुर)
    सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है, और मामले में व्यापक अनुसंधान जारी है।
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