
राजधानी में नशे के सौदागरों के खिलाफ रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और हाईटेक कार्रवाई को अंजाम दिया है। दिल्ली के आलीशान कमरों में बैठकर छत्तीसगढ़ के युवाओं की रगों में जहर घोलने वाले मास्टरमाइंड महेश खड़का और कुसुम हिंदुजा अब पुलिस की गिरफ्त में हैं। इस पूरी कार्रवाई में सबसे चौंकाने वाला खुलासा “डेड ड्रॉप सिस्टम” को लेकर हुआ है, जिसका इस्तेमाल अपराधी पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए कर रहे थे।
क्या है यह ‘डेड ड्रॉप सिस्टम’ और कैसे बिछाया गया जाल?
रायपुर पुलिस की तफ्तीश में सामने आया कि ड्रग्स की सप्लाई के लिए अपराधी किसी से सीधे नहीं मिलते थे। दिल्ली से कोरियर के जरिए एमडीएमए (MDMA) की खेप रायपुर भेजी जाती थी। यहां मुख्य आरोपी कुणाल मंगतानी इसे रिसीव करता और फिर रैपिडो राइडर्स (बाइक टैक्सी) के जरिए इसे सुनसान इलाकों में फिंकवा देता था।
ड्रग्स रखने के बाद उस जगह की फोटो और लोकेशन व्हाट्सएप के जरिए दिल्ली में बैठे आकाओं को भेजी जाती थी। इसके बाद ग्राहक को वह लोकेशन दी जाती, जहां से वह चुपचाप ड्रग्स उठा लेता था। इसी तकनीक को ‘Dead Drop’ कहा जाता है, ताकि पुलिस कभी असली सप्लायर तक न पहुंच सके।
ऐसे टूटी नशे की कड़ी: आधी रात का ऑपरेशन और दिल्ली में दबिश
डीसीपी (क्राइम) स्मृतिक राजनाला और डीसीपी (सेंट्रल जोन) उमेश प्रसाद गुप्ता की संयुक्त मॉनिटरिंग में एसीसीयू और तेलीबांधा पुलिस ने जाल बिछाया। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और बैंक खातों की जांच के बाद 29 मार्च को काशीराम नगर के पास तीन रैपिडो राइडर्स—सौरभ डोंगरे, शुभम राठौर और सौरभ यादव को दबोचा।
इनकी निशानदेही पर रायपुर के कुणाल मंगतानी को पकड़ा गया, जिसने पूरे सिंडिकेट का कच्चा चिट्ठा खोल दिया। इसके बाद रायपुर पुलिस की एक टीम तुरंत दिल्ली रवाना हुई और पंचशील विहार से मुख्य सरगना महेश खड़का और उसकी साथी कुसुम हिंदुजा को धर दबोचा।
जब्त सामान और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने इस कार्रवाई में करीब 10 लाख रुपये का मशरूका जब्त किया है, जिसमें शामिल हैं:
- 48.03 ग्राम एमडीएमए ड्रग्स (कीमत लगभग 7 लाख रुपये)
- 08 नग पार्टी पिल्स
- 09 नग हाई-टेक मोबाइल फोन
- नशे की सप्लाई में इस्तेमाल स्प्लेंडर मोटरसाइकिल और कोरियर बॉक्स।
आरोपियों के खिलाफ थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 146/26, धारा 22(ख) नारकोटिक्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुराने अपराधी, नया पैंतरा
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मास्टरमाइंड महेश खड़का और कुसुम हिंदुजा कोई नए खिलाड़ी नहीं हैं। ये दोनों साल 2024 में भी रायपुर के खम्हारडीह थाने से ड्रग्स तस्करी के मामले में जेल जा चुके हैं। जेल से छूटने के बाद इन्होंने अपना ठिकाना दिल्ली बना लिया और वहां से नाइजीरियाई तस्करों के संपर्क में रहकर रायपुर में अपना नेटवर्क दोबारा खड़ा कर लिया था।
जनता के लिए चेतावनी और अपील
रायपुर पुलिस ने इस बड़ी सफलता के साथ ही आम जनता, खासकर अभिभावकों और युवाओं से एक मार्मिक अपील की है:
“सिंथेटिक ड्रग्स न केवल भविष्य बर्बाद करते हैं, बल्कि मौत का सामान हैं। अपने आसपास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों, अनजान लोकेशन शेयरिंग या बाइक राइडर्स की असामान्य हरकतों की जानकारी तुरंत पुलिस से साझा करें। सजग रहें, सुरक्षित रहें।”
गिरफ्तार आरोपियों की प्रोफाइल:
- महेश सिंह खड़का (28): मास्टरमाइंड (निवासी- दिल्ली)
- कुसुम हिंदुजा (25): मास्टरमाइंड (निवासी- रायपुर/दिल्ली)
- कुणाल मंगतानी (23): लॉजिस्टिक्स मैनेजर (निवासी- रायपुर)
- सौरभ डोंगरे, शुभम राठौर, सौरभ यादव: डिलीवरी बॉय/रैपिडो राइडर
ब्यूरो रिपोर्ट: दैनिक बोध




