
राजधानी के डीडी नगर में GATE (Graduate Aptitude Test in Engineering) परीक्षा के दौरान एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। रायपुर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए हरियाणा के एक शातिर ‘मुन्नाभाई गैंग’ के 6 सदस्यों को रंगे हाथों दबोचा है। ये आरोपी देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक GATE में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए सेंध लगाने की कोशिश कर रहे थे।
कैसे हुआ इस ‘हाईटेक’ जालसाजी का खुलासा?
फरवरी 2026 की कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित हो रही GATE परीक्षा (7, 8, 14 और 15 फरवरी) के दौरान डीडी नगर स्थित एक केंद्र पर हलचल तेज हो गई। पुलिस और परीक्षा प्रबंधन को कुछ परीक्षार्थियों की गतिविधियों पर संदेह हुआ। जब संयुक्त टीम ने अचानक जांच शुरू की, तो नजारा देखकर हर कोई दंग रह गया।
आरोपियों के पास से ऐसे सूक्ष्म इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए हैं, जिन्हें कपड़ों और शरीर में इस तरह छिपाया गया था कि सामान्य तलाशी में पकड़ना मुश्किल था। इन उपकरणों के जरिए ये ‘मुन्नाभाई’ परीक्षा केंद्र के बाहर बैठे अपने ‘मास्टरमाइंड सॉल्वर’ से सीधे संपर्क में थे।
गैंग का ‘हरियाणा कनेक्शन’ और मोडस ऑपरेंडी
पकड़े गए सभी 6 आरोपी हरियाणा के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में जो खुलासे हुए हैं, वे चौंकाने वाले हैं:
- संगठित सिंडिकेट: यह गैंग पेशेवर तरीके से काम करता था, जिसमें डमी कैंडिडेट (फर्जी अभ्यर्थी) बैठाने से लेकर ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए उत्तर बताने तक का ‘पैकेज’ शामिल था।
- डिजिटल चोरी: कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) की निगरानी को धता बताने के लिए इन्होंने विशेष रूप से डिजाइन किए गए गैजेट्स का इस्तेमाल किया।
- बड़ा नेटवर्क: पुलिस को शक है कि इस गिरोह के तार अंतरराज्यीय स्तर पर जुड़े हो सकते हैं और इन्होंने अन्य राज्यों की परीक्षाओं में भी इसी तरह सेंध लगाई होगी।
सावधान! शॉर्टकट पड़ सकता है भारी
डीडी नगर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। जप्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस अब इस गिरोह के ‘किंगपिन’ तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।



