
बिलासपुर रेंज में पुलिस अधिकारियों के लिए आयोजित तीन दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स प्रशिक्षण कार्यशाला में पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला में “तनाव प्रबंधन एवं मानसिक स्वास्थ्य” विषय पर डेढ़ घंटे का प्रभावशाली सत्र हुआ।
इस सत्र का संचालन प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, बिलासपुर की संचालिका बीके स्वाति दीदी द्वारा किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह के विशेष सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और सक्ती जिलों से आए लगभग 150 पुलिस अधिकारियों एवं प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया।
तनावमुक्ति के 4 आसान सूत्र
बीके स्वाति दीदी ने पुलिस सेवा की चुनौतियों को रेखांकित करते हुए कहा कि परिस्थितियां हमेशा हमारे नियंत्रण में नहीं होतीं, लेकिन उनके प्रति हमारी प्रतिक्रिया हमारे हाथ में होती है। उन्होंने तनाव से निपटने के लिए चार प्रमुख सूत्र साझा किए:
- रिलीज माइंड (Release Mind): नकारात्मकता, क्रोध और चिंता को मन में दबाने के बजाय सकारात्मक तरीके से बाहर निकालें।
- एक्सचेंज गुड विशेस (Exchange Good Wishes): सहकर्मियों, वरिष्ठ अधिकारियों और आम नागरिकों के प्रति शुभभावना और शुभकामना का दृष्टिकोण रखें।
- सेल्फ एस्टीम (Self Esteem): अपने आत्मसम्मान में स्थित रहें। दूसरों की प्रतिक्रियाओं से अपने मन की शांति प्रभावित न होने दें।
- थैंकफुल फॉर एवरीथिंग (Thankful for Everything): जीवन में मिले अवसर, परिवार, सहकर्मियों और सहयोग के प्रति हमेशा कृतज्ञता का भाव रखें।
गतिविधियों के जरिए सिखाया संतुलन
केवल व्याख्यान तक सीमित न रहकर बीके स्वाति दीदी ने रोचक और व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से अधिकारियों को तनाव पहचानने और नियंत्रित करने का अनुभव कराया। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन कुछ समय स्वयं के लिए निकालना, सकारात्मक चिंतन करना और मानसिक विराम लेना कठिन परिस्थितियों में भी सही निर्णय लेने की क्षमता देता है।
कार्यशाला के अंत में उपस्थित पुलिस अधिकारियों ने कहा कि व्यावहारिक उदाहरणों और गतिविधियों के माध्यम से सीखे गए ये तरीके उनकी दैनिक ड्यूटी और व्यक्तिगत जीवन दोनों में अत्यंत मददगार साबित होंगे।




