
राजधानी रायपुर में देर रात तक नियम विरुद्ध तरीके से शराब परोसने वाले होटल बारों पर जिला प्रशासन ने कड़ा प्रहार किया है। कलेक्टर (आबकारी) डॉ. गौरव कुमार सिंह ने पचपेड़ी नाका क्षेत्र के तीन प्रतिष्ठित होटल बारों के लाइसेंस को 3 दिनों के लिए निलंबित (Suspend) कर दिया है। प्रशासन की इस कार्यवाही से शहर के अन्य बार संचालकों में हड़कंप मच गया है।
इन तीन बारों पर गिरी गाज
आबकारी विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिन तीन प्रतिष्ठानों पर कार्यवाही हुई है, उनमें शामिल हैं:
* स्काई डांस एंटरटेनमेंट हॉस्पिटैलिटी (मिथ्या क्लब)
* रास्ता होटल बार
* द ग्रांड इम्पीरिया होटल बार
क्या था मामला? क्यों हुई कार्यवाही?
यह कार्यवाही पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त सक्रियता का परिणाम है। जनवरी और फरवरी के महीनों में हुए औचक निरीक्षण के दौरान इन बारों में गंभीर अनियमितताएं पाई गई थीं:
* समय सीमा का उल्लंघन: शासन द्वारा निर्धारित समय के बाद भी ये बार खुले पाए गए। कुछ स्थानों पर तो रात 2:10 और 2:40 बजे तक शराब परोसी जा रही थी।
* नियमों की अनदेखी: लाइसेंस की शर्तों (जैसे शर्त क्रमांक 8क और 12क) का उल्लंघन करते हुए देर रात तक मदिरा और खाद्य पदार्थ परोसे जा रहे थे।
* कानून व्यवस्था को चुनौती: प्रशासन ने माना है कि इन उल्लंघन से न केवल नियमों की धज्जियां उड़ीं, बल्कि इससे शहर की कानून व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति भी निर्मित हुई।
18 से 20 मार्च तक ‘ड्राई डे’ जैसी स्थिति
कलेक्टर के आदेशानुसार, इन तीनों बारों के लाइसेंस 18 मार्च 2026 से 20 मार्च 2026 तक कुल 3 दिनों के लिए निलंबित रहेंगे। इस अवधि में ये बार पूरी तरह बंद रहेंगे। खास बात यह है कि निलंबन की इस अवधि का पूरा राजस्व भी लाइसेंसियों को ही देना होगा और वे किसी भी प्रकार की फीस वापसी के हकदार नहीं होंगे।
कलेक्टर की सख्त चेतावनी: ‘अगली बार सीधे निरस्त होगा लाइसेंस’
आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि यह केवल एक चेतावनी है। यदि भविष्य में इन प्रतिष्ठानों द्वारा फिर से आबकारी अधिनियम 1915 की शर्तों या कानून व्यवस्था का उल्लंघन किया गया, तो उनके लाइसेंस को नियमानुसार निरस्त करने की कार्यवाही की जाएगी।
विशेषज्ञों की राय: सुरक्षित शहर के लिए जरूरी कदम
राजधानी में बढ़ते नाइट लाइफ कल्चर के बीच देर रात तक शराब परोसे जाने से अक्सर विवाद और दुर्घटनाओं की खबरें आती रहती हैं। जागरूक नागरिकों ने प्रशासन की इस कार्यवाही की सराहना की है। उनका मानना है कि ऐसे सख्त फैसलों से ही नियमों के प्रति डर पैदा होगा और शहर की शांति बनी रहेगी।






