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दोस्ती में दगा: कर्ज के दलदल में फंसे मित्र ने रची 36 लाख की ‘मेगा साजिश’, पुलिस ने चंद घंटों में किया बेनकाब

कहते हैं कि मुसीबत में दोस्त ही काम आता है, लेकिन राजधानी रायपुर में दोस्ती को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिस दोस्त पर भरोसा कर जमीन की रजिस्ट्री के 36.50 लाख रुपये कार में छोड़े थे, वही दोस्त ‘आस्तीन का सांप’ निकला। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मल्टीलेवल पार्किंग में हुई इस बड़ी गबन की गुत्थी को रायपुर पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) ने महज कुछ ही घंटों में सुलझाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
भरोसे का कत्ल: कलेक्ट्रेट परिसर में रची गई पटकथा
घटना 16 फरवरी 2026 की है। प्रार्थी ज्ञानप्रकाश पांडे, जो हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी पिरदा के निवासी हैं, पिरदा में ही एक जमीन का सौदा 36.50 लाख रुपये में तय किया था। टोकन मनी और रजिस्ट्री की प्रक्रिया के लिए वे अपने पुराने मित्र नितिन सोनी के साथ कार (CG 17 RJ 1911) से कलेक्ट्रेट पहुंचे।
महतारी चौक स्थित मल्टीलेवल पार्किंग में कार खड़ी करने के बाद, ज्ञानप्रकाश ने अपने मित्र नितिन पर अटूट भरोसा जताते हुए कार की चाबी उसे सौंपी और खुद रजिस्ट्री ऑफिस के काम से चले गए। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि उनका यह भरोसा उनके जीवन भर की जमा पूंजी के लिए काल बनने वाला है।
साजिश का ‘मास्टरमाइंड’ और फिल्मी ड्रामा
कुछ देर बाद नितिन ने घबराते हुए फोन किया और बताया कि कार में रखा रुपयों से भरा सफेद थैला गायब है। मौके पर पहुंचे ज्ञानप्रकाश को नितिन की बातों पर संदेह हुआ, क्योंकि कार में किसी तरह की तोड़फोड़ के निशान नहीं थे। पुलिस की एंट्री होते ही मामले ने मोड़ ले लिया।
जब एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और सिविल लाइन पुलिस ने नितिन से पूछताछ की, तो वह बार-बार बयान बदलने लगा। पुलिस ने जब ‘रिक्रिएशन ऑफ सीन’ किया और सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो एक काले रंग की स्कूटी पर सवार संदिग्ध युवक बार-बार कार के चक्कर काटता दिखाई दिया।
कर्ज का बोझ और ‘शॉर्टकट’ से अमीर बनने की चाह
पुलिस की कड़ाई के आगे मास्टरमाइंड नितिन सोनी ज्यादा देर टिक नहीं पाया और टूट गया। उसने कुबूल किया कि वह अत्यधिक कर्ज में डूबा हुआ था और इस कर्ज से मुक्ति पाने के लिए उसने अपने मित्र की रकम हड़पने की योजना बनाई थी।
साजिश के मुख्य बिंदु:

  • नितिन को पहले से पता था कि ज्ञानप्रकाश भारी कैश लेकर रजिस्ट्री ऑफिस आने वाला है।
  • उसने अपने साथी तनवीर आलम को पहले ही पार्किंग के पास बुला लिया था।
  • जैसे ही ज्ञानप्रकाश कार से उतरा, नितिन ने तनवीर को इशारा किया और 36.50 लाख की रकम पार कर दी।
  • इस काम के बदले उसने तनवीर को 2 लाख रुपये देने का वादा किया था।
    रायपुर पुलिस की ‘सुपरफास्ट’ कार्रवाई
    पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल जोन) श्री उमेश प्रसाद गुप्ता के निर्देशन में टीम ने तकनीकी विश्लेषण और जमीनी इनपुट के आधार पर दूसरे आरोपी तनवीर आलम को भी धर दबोचा। पुलिस ने आरोपियों के पास से पूरी की पूरी रकम (36 लाख 50 हजार रुपये) बरामद कर ली है।
    गिरफ्तार आरोपी:
  • नितिन कुमार सोनी (32 वर्ष): निवासी सुमित लैंडस्केप, थाना विधानसभा, रायपुर (मुख्य साजिशकर्ता)।
  • तनवीर आलम (28 वर्ष): निवासी रावाभांठा ट्रांसपोर्ट नगर, रायपुर (सह-आरोपी)।
    दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना सिविल लाइन में अपराध क्रमांक 94/26 धारा 316(2), 3(5) BNS के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया है। रायपुर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों के हौसले पस्त कर दिए हैं और आम जनता को यह संदेश दिया है कि अपराध कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के हाथों से बच नहीं सकता।
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