पुलिस प्रशासन द्वारा जब्त किए गए भारी मात्रा में मादक पदार्थों का विनष्टीकरण (Destruction) किया गया। इस कार्रवाई ने न केवल अपराधियों की कमर तोड़ी है, बल्कि समाज को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि अवैध नशे का कारोबार करने वालों का अंजाम अब सलाखें और उनके काले धंधे का अंजाम राख होगा।
भट्ठी की आग और रोलर के नीचे कुचला गया नशा
नशीले पदार्थों को नष्ट करने की यह पूरी प्रक्रिया “सुधा बॉयों पॉवर प्रा. लिमिटेड, मोहतराई” में संपन्न हुई। उच्च स्तरीय मानकों का पालन करते हुए, जब्त सामग्री को फैक्ट्री की विशाल भट्टी (Furnace) में जलाया गया। वहीं, कुछ अन्य सामग्रियों को रोलर के माध्यम से पूरी तरह नष्ट कर दिया गया, ताकि उनका पुन: उपयोग न हो सके।
इन अधिकारियों की देखरेख में हुई पारदर्शी कार्यवाही :- यह पूरी प्रक्रिया उच्च स्तरीय ड्रग डिस्पोजल समिति और बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह की मौजूदगी में पूरी हुई। कार्यवाही की पारदर्शिता और गंभीरता को सुनिश्चित करने के लिए मौके पर प्रशासनिक अमला भी मौजूद रहा। उपस्थित प्रमुख अधिकारियों में शामिल थे:
- श्री रजनेश सिंह (पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर)
- श्री पंकज कुमार पटेल (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, शहर बिलासपुर)
- श्री नवनीत तिवारी (सहायक आबकारी आयुक्त)
- क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी एवं अन्य विशेषज्ञ।
आंकड़ों में समझें पुलिस की बड़ी उपलब्धि
पुलिस ने कुल 67 अलग-अलग प्रकरणों से संबंधित सामग्री को नष्ट किया है। नष्ट की गई सामग्री की सूची इस प्रकार है: - गांजा: 757.603 किलोग्राम (लगभग साढ़े सात क्विंटल)
- नशीली सिरप: 6,468 नग
- नशीले इंजेक्शन (एम्पुल): 8,818 नग
- नशीली टैबलेट/कैप्सूल: 12,164 नग
- एम.डी.एम.ए. (MDMA): 16.6 ग्राम
प्रशासन का संकल्प: “नशा मुक्त बिलासपुर”
एसएसपी रजनेश सिंह ने इस अवसर पर कहा कि पुलिस केवल जब्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि कानूनी प्रक्रिया को अंतिम अंजाम तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि पुलिस का यह अभियान लगातार जारी रहेगा। पर्यावरण नियमों का पालन करते हुए किए गए इस विनष्टीकरण से जिले में अवैध ड्रग्स की सप्लाई चेन को बड़ा झटका लगा है।





